दून वैली टाइम्स | देहरादून | 28 जुलाई 2026
उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश और पर्वतीय क्षेत्रों में बढ़ते भूस्खलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने चारधाम यात्रा को दो दिनों के लिए अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौसम की स्थिति सामान्य होने और यात्रा मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी।
गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप ने जानकारी देते हुए बताया कि चारधाम यात्रा मार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन होने से सड़कें बाधित हो गई हैं। इसके अलावा मौसम विभाग द्वारा आगामी 48 घंटों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना से बचने के उद्देश्य से आज और कल के लिए यात्रा पर अस्थायी रोक लगाने का निर्णय लिया गया है।
प्रशासन ने सभी जिलाधिकारियों, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रखा है। यात्रा मार्गों पर फंसे यात्रियों की सुरक्षा, भोजन, आवास और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही यात्रियों से अपील की गई है कि वे बिना प्रशासन की अनुमति और मौसम अनुकूल हुए यात्रा शुरू न करें।
कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार राज्य में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। इसके चलते देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर के कई क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि अन्य जिलों में येलो अलर्ट लागू है।
मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, चट्टान गिरने, सड़क अवरुद्ध होने और नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए एडवाइजरी
प्रशासन ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से अपील की है कि—
- अनावश्यक यात्रा करने से बचें।
- नदी, नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें।
- मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
- यात्रा से पहले सड़क और मौसम की ताज़ा जानकारी अवश्य प्राप्त करें।
- किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।
चारधाम यात्रा उत्तराखंड की धार्मिक और आर्थिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण यात्रा मानी जाती है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। हालांकि मानसून के दौरान सुरक्षा कारणों से समय-समय पर यात्रा को अस्थायी रूप से रोका जाता है।
प्रशासन ने कहा है कि जैसे ही मौसम सामान्य होगा और सभी यात्रा मार्ग सुरक्षित घोषित किए जाएंगे, चारधाम यात्रा को पुनः सुचारु रूप से शुरू कर दिया जाएगा।




