
दून वैली टाइम्स | नैनीताल
उत्तराखंड के नैनीताल जिले के कोटाबाग क्षेत्र से साइबर अपराध का एक गंभीर मामला सामने आया है। एक महिला ने राजकीय जूनियर हाईस्कूल कोटाबाग में तैनात एक शिक्षक पर फर्जी फेसबुक और इंस्टाग्राम आईडी बनाकर उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने, ब्लैकमेल करने तथा रुपये की मांग करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
महिला के नाम से बनाई गई फर्जी फेसबुक आईडी
पीड़िता के अनुसार, 25 जून की शाम वह अपना फेसबुक अकाउंट देख रही थी। इसी दौरान उसे अपने नाम और तस्वीरों से मिलता-जुलता एक फर्जी फेसबुक अकाउंट दिखाई दिया। जब उसने उस अकाउंट की जांच की तो पता चला कि उसमें लगभग 4,247 फ्रेंड्स जुड़े हुए थे। उस फर्जी प्रोफाइल पर महिला की 77 निजी तस्वीरें और 3 निजी वीडियो पोस्ट किए गए थे, जिससे उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचा।
महिला का आरोप है कि जांच-पड़ताल करने पर यह जानकारी सामने आई कि उक्त फर्जी अकाउंट कथित रूप से कोटाबाग के एक शिक्षक द्वारा संचालित किया जा रहा था। इतना ही नहीं, उस प्रोफाइल पर मौजूद एक पुरानी पोस्ट में आरोपी स्वयं पीड़िता के साथ बैठा हुआ भी दिखाई दे रहा था।
परिचितों से भी मांगे गए पैसे
शिकायत के अनुसार, आरोपी ने फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से महिला के परिचितों से भी पैसों की मांग की। एक परिचित से ₹2,000 की ठगी होने की बात भी सामने आई है। इससे स्पष्ट होता है कि आरोपी कथित रूप से महिला की पहचान का दुरुपयोग कर लोगों से आर्थिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा था।
₹27 हजार की मांग कर दी धमकी
महिला ने बताया कि उसने 2 जुलाई को अपने व्हाट्सएप नंबर से आरोपी को संदेश भेजकर फर्जी अकाउंट बंद करने और आपत्तिजनक सामग्री हटाने को कहा। आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने अकाउंट बंद करने के बजाय उसे धमकियां देना शुरू कर दिया और ₹27,000 की मांग करते हुए लगातार ब्लैकमेल करने लगा।
परिवार की सुरक्षा पर जताई चिंता
पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा है कि आरोपी का स्थानीय स्तर पर राजनीतिक प्रभाव है और उसकी झगड़ालू प्रवृत्ति के कारण उसे तथा उसके परिवार को किसी भी अप्रिय घटना का भय सता रहा है। ऐसे में उसने पुलिस से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
साइबर थाने में दर्ज हुआ मुकदमा
मुखानी थाना प्रभारी सुशील कुमार ने बताया कि मामले में जीरो एफआईआर दर्ज कर प्रकरण को साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन स्थानांतरित कर दिया गया है। साइबर पुलिस अब सोशल मीडिया अकाउंट, डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी पहलुओं की गहन जांच कर रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
नोट: यह मामला फिलहाल जांच के अधीन है। आरोपी पर लगाए गए आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्णय पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।




