दून वैली टाइम्स | हेल्थ डेस्क
अक्सर लोग लगातार रहने वाले बुखार, हर समय थकान या शरीर में खून की कमी (एनीमिया) को सामान्य कमजोरी या मौसम का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार, यदि ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें तो इन्हें हल्के में नहीं लेना चाहिए। कुछ मामलों में ये ब्लड कैंसर (Blood Cancer) के शुरुआती संकेत भी हो सकते हैं।

शोध और विशेषज्ञों के अनुसार ब्लड कैंसर की शुरुआत बोन मैरो (अस्थि मज्जा) से होती है, जहां रक्त कोशिकाओं का निर्माण होता है। जब बोन मैरो में असामान्य सफेद रक्त कोशिकाएं तेजी से बनने लगती हैं, तो वे सामान्य लाल रक्त कोशिकाओं और प्लेटलेट्स के निर्माण में बाधा डालती हैं। इसका असर पूरे शरीर पर दिखाई देने लगता है।
क्यों दिखाई देते हैं ये लक्षण?
1. लगातार या बार-बार बुखार
शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने से सामान्य संक्रमण भी बार-बार होने लगते हैं, जिससे लगातार बुखार रह सकता है।
2. हर समय थकान और कमजोरी
लाल रक्त कोशिकाओं की कमी के कारण शरीर के अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती, जिससे व्यक्ति हमेशा थका हुआ महसूस करता है।
3. खून की कमी (एनीमिया)
रेड ब्लड सेल्स कम होने से त्वचा पीली पड़ना, चक्कर आना और सांस फूलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
ब्लड कैंसर के अन्य संभावित लक्षण
- मसूड़ों या नाक से बार-बार खून आना।
- मामूली चोट पर भी अधिक रक्तस्राव होना।
- महिलाओं में पीरियड्स के दौरान अत्यधिक ब्लीडिंग।
- रात में अत्यधिक पसीना आना।
- बार-बार संक्रमण होना।
- बिना कारण वजन घटना या भूख कम लगना।
कब डॉक्टर से संपर्क करें?
यदि लगातार 2–3 सप्ताह तक बुखार, कमजोरी, एनीमिया या ऊपर बताए गए अन्य लक्षण बने रहें, तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें। आवश्यक होने पर डॉक्टर ब्लड टेस्ट, बोन मैरो जांच या अन्य परीक्षण कराने की सलाह दे सकते हैं।
महत्वपूर्ण: केवल इन लक्षणों के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि किसी व्यक्ति को ब्लड कैंसर है। ये कई अन्य सामान्य बीमारियों के कारण भी हो सकते हैं। सही कारण की पुष्टि केवल चिकित्सकीय जांच से ही संभव है।
डिस्क्लेमर: यह खबर केवल स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है। इसे चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।
