यूजेवीएनएल में उपनलकर्मियों को बड़ी राहत, समान कार्य के लिए मिलेगा समान वेतन

देहरादून। उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) ने उपनलकर्मियों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए “समान कार्य–समान वेतन” व्यवस्था लागू कर दी है। हाईकोर्ट के आदेश और शासन के निर्देशों के अनुपालन में लिए गए इस निर्णय से एक मार्च 2026 से 470 से अधिक उपनलकर्मियों को लाभ मिलेगा। कई कर्मचारियों का वेतन पहले की तुलना में लगभग दोगुना हो जाएगा। यह निर्णय यूजेवीएनएल के मानव संसाधन प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण सुधारों में माना जा रहा है। 

यूजेवीएनएल प्रबंधन के अनुसार, 1 जनवरी 2016 से पूर्व से लगातार उपनल के माध्यम से आउटसोर्स पर कार्यरत पात्र कर्मचारियों को उनके पद के अनुरूप न्यूनतम वेतन, महंगाई भत्ता (DA), ईपीएफ में नियोक्ता एवं कर्मचारी अंशदान सहित सभी निर्धारित लाभ दिए जाएंगे। नई व्यवस्था का लाभ 1 मार्च 2026 से प्रभावी माना जाएगा। 

योग्यता के आधार पर पद निर्धारण

निर्देशों के अनुसार यदि कोई कर्मचारी अपनी शैक्षणिक अथवा तकनीकी योग्यता के अनुरूप निर्धारित पद के लिए पात्र नहीं है, तो उसे पूर्व की भांति उपनल के माध्यम से आउटसोर्स व्यवस्था में कार्य करने का विकल्प मिलेगा। पात्र कर्मचारियों को एक वर्ष की अवधि के लिए नॉन-ज्यूडिशियल स्टांप पेपर पर अनुबंध करना होगा तथा बायोमेट्रिक उपस्थिति भी अनिवार्य रहेगी।

यूपीसीएल और पिटकुल के कर्मचारियों की भी बढ़ी उम्मीद

यूजेवीएनएल में समान कार्य–समान वेतन लागू होने के बाद अब यूपीसीएल और पिटकुल में कार्यरत हजारों उपनलकर्मियों को भी इसी तरह की व्यवस्था लागू होने की उम्मीद है। कर्मचारी संगठनों ने दोनों निगमों के प्रबंधन से भी जल्द समान निर्णय लेने की मांग की है।

मानव संसाधन विभाग में भी तेज़ी

इसी बीच यूजेवीएनएल में मानव संसाधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए हैं। पिछले एक माह के भीतर 27 पदोन्नतियां, कई कर्मचारियों का स्थायीकरण तथा 75 नए पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अलावा अन्य रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया भी तेज़ी से आगे बढ़ाई जा रही है। 

कर्मचारियों में खुशी की लहर

यूजेवीएनएल के इस फैसले से लंबे समय से समान वेतन की मांग कर रहे उपनलकर्मियों में खुशी का माहौल है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि इससे न केवल आर्थिक स्थिति मजबूत होगी बल्कि वर्षों से चली आ रही वेतन असमानता भी काफी हद तक समाप्त होगी।

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