उत्तराखंड में होम स्टे और पर्यटन इकाइयों का रजिस्ट्रेशन होगा आसान, नवीनीकरण के नियमों में बड़ा बदलाव

देहरादून। उत्तराखंड में होम स्टे समेत पर्यटन से जुड़े कारोबारियों के लिए राहत की खबर है। राज्य में पर्यटन इकाइयों के पंजीकरण और नवीनीकरण की प्रक्रिया को अधिक सरल और समयबद्ध बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। पर्यटन विभाग की नई व्यवस्था का उद्देश्य कारोबारियों को अनावश्यक प्रक्रियाओं और देरी से राहत देना तथा पंजीकरण से जुड़े मामलों का तेजी से निस्तारण करना है। उत्तराखंड पर्यटन की आधिकारिक वेबसाइट पर Uttarakhand Tourism, Travel Trade Registration Rules, 2026 भी उपलब्ध कराए गए हैं।

लंबित आवेदनों के जल्द निस्तारण पर जोर

पर्यटन विभाग की ओर से जिला स्तर पर पंजीकरण और नवीनीकरण से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने पर जोर दिया गया है। अधिकारियों को नियमों के दायरे में आने वाले आवेदनों में अनावश्यक देरी नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पर्यटन कारोबार शुरू करने या पहले से संचालित इकाइयों का पंजीकरण बनाए रखने वाले संचालकों को सुविधा मिलने की उम्मीद है।

सिर्फ होम स्टे तक सीमित नहीं होगी व्यवस्था

सरलीकरण का लाभ होम स्टे के साथ-साथ पर्यटन क्षेत्र की अन्य इकाइयों को भी मिल सकता है। इसमें होटल, रिसॉर्ट, गेस्ट हाउस, हेल्थ स्पा, आश्रम, धर्मशाला और बेड एंड ब्रेकफास्ट जैसी इकाइयां शामिल हैं। इसके अलावा ट्रैवल एजेंसी, टूर ऑपरेटर, साहसिक पर्यटन और मनोरंजन से जुड़े व्यवसाय भी पर्यटन पंजीकरण व्यवस्था के दायरे में आते हैं।

उत्तराखंड पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर वर्तमान में होम स्टे के लिए अलग पंजीकरण व्यवस्था और सरकारी स्वीकृत होम स्टे की ऑनलाइन सूची भी उपलब्ध है।

पुराने और बिना पंजीकरण वाले कारोबारियों के लिए समयसीमा

नई व्यवस्था के तहत जिन पर्यटन इकाइयों का अभी तक पंजीकरण नहीं हुआ है या जिनका पुराना पंजीकरण समाप्त हो चुका है, उन्हें नियमावली लागू होने की तारीख से 180 दिनों के भीतर पंजीकरण कराने का प्रावधान बताया गया है।

वहीं, जिन पंजीकृत पर्यटन प्रतिष्ठानों को पांच वर्ष पूरे हो चुके हैं, उन्हें 90 दिनों के भीतर नवीनीकरण के लिए आवेदन करना होगा। होम स्टे इकाइयों के लिए नवीनीकरण की समयसीमा उनके पंजीकरण की अवधि के अनुसार लागू होगी।

ऑनलाइन प्रमाण-पत्र से कम होंगे कार्यालय के चक्कर

नई व्यवस्था में ऑनलाइन प्रक्रिया को भी सरल बनाने पर जोर है। आवश्यक दस्तावेज और निर्धारित शुल्क जमा होने के बाद ऑनलाइन प्रोविजनल प्रमाण-पत्र जारी करने की व्यवस्था से प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। इससे आवेदन की स्थिति को ऑनलाइन ट्रैक करने और पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड पहले से ही होम स्टे के लिए ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल संचालित कर रहा है। विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण प्रक्रिया, नीतियां और आवश्यक दिशा-निर्देश उपलब्ध हैं।

स्थानीय रोजगार और पर्यटन कारोबार को मिलेगा बढ़ावा

सरकार की इस पहल को प्रदेश में पर्यटन कारोबार को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। खासकर ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में होम स्टे स्थानीय लोगों के लिए अतिरिक्त आय और रोजगार का माध्यम बन रहे हैं। आधिकारिक होम स्टे दिशा-निर्देशों के अनुसार योजना का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार और पर्यटकों के लिए आवासीय सुविधाओं को बढ़ावा देना है।

सरल और समयबद्ध पंजीकरण व्यवस्था लागू होने से नए पर्यटन कारोबारियों के लिए व्यवसाय शुरू करना आसान हो सकता है, वहीं पहले से संचालित इकाइयों को अपने पंजीकरण और नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी करने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

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