14 से 16 अगस्त तक दून लाइब्रेरी में फोटो-फिल्म प्रदर्शनी, 14 अगस्त को नगर निगम में होगा भव्य कवि सम्मेलन; मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे प्रतिभाग
देहरादून, 13 अगस्त 2026। भारत विभाजन की पीड़ा, विस्थापन, संघर्ष और उससे जुड़ी ऐतिहासिक स्मृतियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर देहरादून में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से वर्ष 1947 के विभाजन के दौरान लाखों लोगों द्वारा झेली गई त्रासदी और विस्थापन की पीड़ा को स्मरण किया जाएगा तथा राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता एवं सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया जाएगा।
तीन दिन तक चलेगी विशेष फोटो एवं फिल्म प्रदर्शनी
14 अगस्त को दून लाइब्रेरी एवं शोध केंद्र में विभाजन विभीषिका और उससे जुड़ी ऐतिहासिक स्मृतियों पर आधारित तीन दिवसीय विशेष फोटो एवं फिल्म प्रदर्शनी का शुभारंभ किया जाएगा। यह प्रदर्शनी 14, 15 और 16 अगस्त को प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक आमजन के लिए खुली रहेगी।
प्रदर्शनी में वर्ष 1947 में भारत विभाजन के दौरान हुए विस्थापन, संघर्ष और मानवीय पीड़ा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को तस्वीरों और फिल्मों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। इसका उद्देश्य लोगों, विशेषकर युवाओं को उस दौर की परिस्थितियों से परिचित कराना और विभाजन की त्रासदी से जुड़ी स्मृतियों को जीवंत रखना है।
प्रदर्शनी के माध्यम से उन लाखों लोगों की पीड़ा और संघर्ष को सामने लाने का प्रयास किया जाएगा, जिन्होंने विभाजन के दौरान अपना घर, जमीन, संपत्ति और कई मामलों में अपने परिजनों तक को खो दिया था।
नगर निगम में होगा भव्य कवि सम्मेलन
वहीं, 14 अगस्त की शाम 6:30 बजे जुगमन्दर हॉल, नगर निगम देहरादून में देशभक्ति, राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता एवं सामाजिक सरोकारों पर आधारित भव्य कवि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
कवि सम्मेलन में राष्ट्रप्रेम और सामाजिक सद्भाव से जुड़े काव्य पाठ के माध्यम से एकता एवं भाईचारे का संदेश दिया जाएगा। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित इन कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी प्रतिभाग करेंगे।
विभाजन पीड़ितों को सम्मानपूर्वक आमंत्रित करने के निर्देश
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि वर्ष 1947 के विभाजन की विभीषिका झेलने वाले लोगों को कार्यक्रम में सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया जाए, ताकि उनकी स्मृतियों और अनुभवों को समाज के सामने लाया जा सके। उन्होंने कहा कि विभाजन की त्रासदी केवल इतिहास का एक अध्याय नहीं है, बल्कि लाखों परिवारों के जीवन से जुड़ी ऐसी पीड़ा है, जिसे याद रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
स्कूल-कॉलेजों में होंगी प्रतियोगिताएं
जिलाधिकारी ने नई पीढ़ी को विभाजन के इतिहास से परिचित कराने के लिए जिले के विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में वाद-विवाद, क्विज, चित्रकला और निबंध प्रतियोगिताएं आयोजित कराने के निर्देश दिए।
इसके अलावा शहर में स्थापित एलईडी स्क्रीन के माध्यम से विभाजन विभीषिका से संबंधित लघु फिल्मों का प्रसारण करने को भी कहा गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस ऐतिहासिक घटना के मानवीय पक्ष से परिचित हो सकें।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी दिए निर्देश
कार्यक्रम स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी ने पुलिस अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने तथा सभी आवश्यक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों को कार्यक्रमों के सफल एवं व्यवस्थित आयोजन के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने को कहा।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) केके मिश्रा, सिटी मजिस्ट्रेट राकेश चन्द्र तिवारी, एसडीएम रवीन्द्र ज्वांठा, डीडीओ सुनील कुमार, जिला पर्यटन विकास अधिकारी जसपाल चौहान सहित संस्कृति, शिक्षा एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
