दून लाइब्रेरी में ‘विभाजन की विभीषिका’ पर विशेष फोटो प्रदर्शनी, 1947 की त्रासदी की यादें हुईं जीवंत

देहरादून, 14 अगस्त 2026। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देहरादून स्थित दून लाइब्रेरी एवं शोध केंद्र में भारत विभाजन की विभीषिका पर विशेष फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में वर्ष 1947 में भारत विभाजन के दौरान घटित ऐतिहासिक घटनाओं, विस्थापन, संघर्ष और उससे जुड़ी मानवीय संवेदनाओं को छायाचित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।

प्रदर्शनी में लगाए गए छायाचित्रों के जरिए उस दौर की उन घटनाओं और परिस्थितियों को सामने लाने का प्रयास किया गया, जिनसे लाखों लोगों को अपने घर, परिवार और आजीविका से विस्थापित होना पड़ा था। तस्वीरों के माध्यम से विभाजन के समय लोगों के संघर्ष, पलायन और पीड़ा से जुड़ी स्मृतियों को नई पीढ़ी के सामने प्रस्तुत किया गया।

विभाजन प्रभावित परिवारों के सदस्यों का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान वर्ष 1947 के भारत विभाजन से प्रभावित परिवारों के सदस्यों को विशेष रूप से आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। निदेशक संस्कृति विभाग प्रदीप जोशी ने प्रभावित परिवारों के सदस्यों को स्मृति चिह्न एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया।

प्रभावित परिवारों की ओर से रामस्वरूप अरोड़ा, मंजीत सिंह बिंद्रा और डी.एन. दत्ता को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही जिला महानगर अध्यक्ष, उत्तरांचल पंजाबी महासभा बलदेव परासर को भी स्मृति चिह्न भेंट किया गया।

नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने का प्रयास

फोटो प्रदर्शनी का उद्देश्य केवल विभाजन के इतिहास को प्रदर्शित करना नहीं, बल्कि उस दौर की मानवीय पीड़ा और संघर्ष की स्मृतियों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना भी है। प्रदर्शनी में विस्थापन के दौरान लोगों के सामने आई कठिन परिस्थितियों और उनके संघर्षों को प्रमुखता से दर्शाया गया है।

आयोजकों के अनुसार, विभाजन की त्रासदी को याद करना इसलिए भी महत्वपूर्ण है ताकि समाज स्वतंत्रता के मूल्य, राष्ट्रीय एकता और अखंडता के महत्व को समझ सके। प्रदर्शनी के माध्यम से लोगों को उस ऐतिहासिक दौर से परिचित कराने के साथ-साथ आपसी सद्भाव और एकता का संदेश देने का भी प्रयास किया गया।

16 अगस्त तक आमजन के लिए खुली रहेगी प्रदर्शनी

‘विभाजन की विभीषिका’ पर आधारित यह विशेष फोटो प्रदर्शनी 14 से 16 अगस्त 2026 तक आमजन के लिए खुली रहेगी। आमजन दून लाइब्रेरी एवं शोध केंद्र पहुंचकर प्रदर्शनी का अवलोकन कर सकते हैं और भारत विभाजन से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं एवं स्मृतियों को करीब से जान सकते हैं।

कार्यक्रम में निदेशक संस्कृति विभाग प्रदीप जोशी, प्रशासनिक अधिकारी दून लाइब्रेरी डी.के. पाण्डेय, कार्यक्रम अधिकारी चंद्रशेखर तिवारी, सलाहकार डॉ. ललता प्रसाद सहित संस्कृति विभाग एवं जिला प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

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