हरिपुर, 16 अगस्त 2026। जौनसार-बावर के प्रवेश द्वार हरिपुर में मां यमुना की प्रतिमा स्थापित किए जाने को लेकर चल रहे विवाद के बीच लोक पंचायत ने प्रेसवार्ता कर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामशरण नौटियाल से श्याम झूला निर्माण को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। लोक पंचायत का कहना है कि मां यमुना की प्रतिमा वर्तमान में तिरपाल के अंदर ढककर रखी गई है, जो आस्था की दृष्टि से श्रद्धालुओं के लिए कष्टकारी है।
लोक पंचायत के पदाधिकारियों ने कहा कि 25 जुलाई 2026 की शाम रामशरण नौटियाल ने मां यमुना की प्रतिमा स्थापना का विरोध करते हुए धरना दिया था। उनका कहना था कि जिस पुराने पिलर पर मां यमुना की प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी की जा रही है, उसी स्थान पर पिछले तीन वर्षों से श्याम झूला बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
लोक पंचायत के अनुसार, श्री नौटियाल की ओर से श्याम झूला निर्माण का प्रस्ताव वर्ष 2023 में दिए जाने की बात कही गई है। ऐसे में लोक पंचायत ने सवाल उठाया कि तीन वर्ष की अवधि में इस प्रस्ताव पर कितनी प्रगति हुई और योजना को लेकर सैद्धांतिक स्वीकृति की स्थिति क्या है, इसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
लोक पंचायत ने बताया कि 27 जुलाई को प्रेसवार्ता के माध्यम से 15 दिनों के भीतर श्याम झूला की प्रगति और सैद्धांतिक स्वीकृति से संबंधित जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की गई थी। लेकिन 20 दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक इस संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी जनता के सामने नहीं रखी गई है।
पंचायत ने स्पष्ट किया कि वह श्याम झूला निर्माण के विरोध में नहीं है, बल्कि क्षेत्र के विकास और पर्यटन की दृष्टि से इसका स्वागत और समर्थन करती है। हालांकि, लोक पंचायत का कहना है कि योजना केवल घोषणा, प्रस्ताव और फोटो खिंचवाने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसका वास्तविक निर्माण धरातल पर दिखाई देना चाहिए।
लोक पंचायत ने पूर्व में नवीन चकराता और हरिपुर में हाईटेक पार्किंग जैसी घोषणाओं का भी उल्लेख किया। पदाधिकारियों ने कहा कि क्षेत्र की जनता अब केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि योजनाओं का वास्तविक परिणाम देखना चाहती है। यदि श्याम झूला निर्माण की योजना प्रस्तावित है तो उसकी स्वीकृति, बजट, निर्माण प्रक्रिया और समयसीमा को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आनी चाहिए।
नदी के मध्य मां यमुना की प्रतिमा स्थापित करने का तर्क
लोक पंचायत ने बताया कि पुराने पिलर पर मां यमुना की प्रतिमा स्थापित करने का निर्णय इस उद्देश्य से लिया गया था कि घाट और नए पुल, दोनों स्थानों से श्रद्धालुओं को प्रतिमा के दर्शन आसानी से हो सकें। पंचायत का कहना है कि नदी के मध्य स्थापित मां यमुना की प्रतिमा हरिपुर के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन सकती है और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकता है।
लोक पंचायत ने ऋषिकेश में मां गंगा की प्रतिमा तथा हरिद्वार में मां गंगा एवं भगवान शिव की प्रतिमाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि उसी तर्ज पर हरिपुर में भी मां यमुना की प्रतिमा श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकती है।
पदाधिकारियों के अनुसार, जिस पुराने पिलर पर प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी की गई थी, उसका पिछले कई दशकों से कोई उपयोग नहीं हो रहा है। ऐसे में उसे व्यवस्थित कर धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से उपयोगी बनाने का निर्णय लिया गया था।
श्याम झूला बनने पर प्रतिमा स्थानांतरित करने का प्रस्ताव
लोक पंचायत ने दावा किया कि रामशरण नौटियाल के समक्ष समझौते का प्रस्ताव भी रखा गया था। इसके तहत यदि भविष्य में उसी स्थान पर श्याम झूला का निर्माण होता है तो मां यमुना की प्रतिमा को किसी अन्य उचित स्थान पर स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
लोक पंचायत का कहना है कि इस संबंध में वह लिखित आश्वासन देने के लिए भी तैयार थी, लेकिन यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया गया।
दान में मिली भूमि को लेकर भी उठाए सवाल
लोक पंचायत ने यह भी कहा कि उसे जो भूमि दान में मिली है, वह वर्तमान घाट से काफी दूरी पर स्थित है। पंचायत के अनुसार, वहां फिलहाल आने-जाने के लिए भी उचित मार्ग उपलब्ध नहीं है। ऐसी स्थिति में तत्काल उस स्थान पर मां यमुना की प्रतिमा स्थापित करना श्रद्धालुओं की सुविधा की दृष्टि से उचित नहीं होगा।
लोक पंचायत ने कहा कि उसका उद्देश्य किसी धार्मिक भावना या विकास योजना का विरोध करना नहीं है। पंचायत चाहती है कि हरिपुर क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन, स्थानीय आस्था और विकास—तीनों को ध्यान में रखते हुए समाधान निकाला जाए।
नौटियाल से स्थिति स्पष्ट करने की मांग
लोक पंचायत ने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामशरण नौटियाल से मांग की है कि वह जनता के सामने स्पष्ट करें कि श्याम झूला की सैद्धांतिक स्वीकृति प्राप्त करने में अभी कितना समय लगेगा और वर्तमान में योजना किस स्तर पर है।
पंचायत ने कहा कि जब तक श्याम झूला को लेकर कोई ठोस स्वीकृति अथवा निर्माण प्रक्रिया सामने नहीं आती, तब तक मां यमुना की प्रतिमा को तिरपाल के अंदर ढककर रखना आस्था की दृष्टि से उचित नहीं है। लोक पंचायत ने संबंधित सभी पक्षों से आपसी सहमति और संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की अपील भी की।
प्रेसवार्ता में अनिल सिंह तोमर, सीताराम चौहान, देवेंद्र तोमर, बारू निराला, सतपाल चौहान, हरिपुर ग्राम पंचायत के प्रधान प्रतिनिधि सूरत सिंह चौहान, व्यास नहरी ग्राम पंचायत के प्रधान प्रतिनिधि दीपक तोमर, श्रीचंद शर्मा, रणवीर सिंह तोमर, केशर नेगी, रणवीर सिंह चौहान, सागर जोशी, प्रताप बिष्ट, मातबर पंवार, दिनेश तोमर, जवाहर राणा, अनिल वर्मा, कल्याण चौहान, श्याम सिंह चौहान सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
