नई दिल्ली। दिल्ली के रघुवीर नगर इलाके में सोमवार तड़के ई-रिक्शा की बैटरी चार्जिंग के दौरान हुए जोरदार धमाके के बाद आग लगने से दर्दनाक हादसा हो गया। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और परिवार में मातम छा गया।
सुबह करीब 4 बजे हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, रघुवीर नगर स्थित एक मकान की पहली मंजिल पर ई-रिक्शा की बैटरी चार्जिंग के लिए लगाई गई थी। सोमवार तड़के करीब 4 बजे अचानक बैटरी में जोरदार धमाका हुआ। धमाके के बाद कमरे में आग फैल गई और घर में रखा सामान भी आग की चपेट में आ गया।
इमारत में ग्राउंड फ्लोर के अलावा चार मंजिलें और होने के कारण आग के तेजी से फैलने का खतरा भी बढ़ गया था। हादसे में दो लोग गंभीर रूप से झुलस गए। दोनों को उपचार के लिए गुरु गोविंद सिंह अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
17 वर्षीय सुफैद और 38 वर्षीय सामिद की मौत
मृतकों की पहचान 17 वर्षीय सुफैद पुत्र मोहम्मद नसीब और 38 वर्षीय मोहम्मद सामिद पुत्र शेख रिदकी के रूप में बताई गई है।
परिजनों के मुताबिक, सुफैद हादसे के समय घर में सो रहा था। मृतक की बहन ने आरोप लगाया कि इमारत में बैटरियों की चार्जिंग की जा रही थी। उनका कहना है कि आग लगने के बाद सुफैद ने मदद के लिए आवाज भी लगाई, लेकिन समय पर सहायता नहीं मिल सकी।
परिजनों ने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
आखिर ई-रिक्शा की बैटरी क्यों फटती है?
ई-रिक्शा में इस्तेमाल होने वाली बैटरियां अलग-अलग तकनीक की होती हैं। लीड-एसिड बैटरियों में चार्जिंग के दौरान ज्वलनशील गैस बनने का खतरा रहता है, जबकि लिथियम-आयन बैटरियों में ओवरहीटिंग, सेल की खराबी या आंतरिक शॉर्ट सर्किट जैसी स्थितियां गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं।
बैटरी में धमाके या आग के पीछे कई संभावित कारण हो सकते हैं—
1. ओवरचार्जिंग
बैटरी को निर्धारित सीमा से अधिक समय तक चार्ज करने या चार्जिंग सिस्टम में खराबी होने से तापमान बढ़ सकता है। इससे बैटरी को नुकसान पहुंचने और आग लगने का खतरा बढ़ सकता है।
2. गलत या खराब चार्जर
बैटरी के लिए निर्धारित वोल्टेज और करंट वाला चार्जर इस्तेमाल करना जरूरी है। गलत, खराब या घटिया गुणवत्ता वाले चार्जर से बैटरी असामान्य रूप से गर्म हो सकती है।
3. बंद जगह में चार्जिंग
लीड-एसिड बैटरियों की चार्जिंग के दौरान हाइड्रोजन जैसी ज्वलनशील गैस बन सकती है। यदि बैटरी को बंद और बिना पर्याप्त वेंटिलेशन वाली जगह में चार्ज किया जाए और वहां चिंगारी का स्रोत मौजूद हो, तो आग या विस्फोट का खतरा बढ़ सकता है।
4. खराब सेल या बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम
लिथियम बैटरियों में खराब सेल, क्षतिग्रस्त बैटरी या खराब बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) तापमान और चार्जिंग को नियंत्रित करने में समस्या पैदा कर सकता है। इससे बैटरी के गर्म होने और आग लगने का जोखिम बढ़ सकता है।
5. टूट-फूट या तेज झटके
ई-रिक्शा लगातार सड़क पर चलते हैं और गड्ढों व झटकों का सामना करते हैं। दुर्घटना या तेज झटके से बैटरी के अंदरूनी हिस्से क्षतिग्रस्त होने पर शॉर्ट सर्किट या ओवरहीटिंग की स्थिति बन सकती है।
बैटरी चार्ज करते समय इन बातों का रखें ध्यान
ई-रिक्शा की बैटरी चार्ज करते समय कुछ सावधानियां बेहद जरूरी हैं—
- बैटरी को बंद और अत्यधिक गर्म जगह पर चार्ज न करें।
- निर्माता द्वारा बताए गए चार्जर और चार्जिंग प्रक्रिया का ही इस्तेमाल करें।
- चार्जिंग वाली जगह पर पर्याप्त वेंटिलेशन रखें।
- बैटरी को चार्ज करते समय ढककर न रखें।
- आसपास ज्वलनशील सामान न रखें।
- बैटरी में असामान्य गर्मी, सूजन, जलने की गंध, धुआं या अजीब आवाज महसूस हो तो चार्जिंग तुरंत रोक दें और विशेषज्ञ से जांच कराएं।
- क्षतिग्रस्त या पुरानी बैटरी को बिना जांच के दोबारा इस्तेमाल न करें।
रघुवीर नगर की यह घटना ई-रिक्शा और इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी चार्जिंग के दौरान सुरक्षा मानकों और सावधानियों की अहमियत को सामने लाती है। बैटरी, चार्जर और चार्जिंग की जगह—तीनों की उचित जांच और सुरक्षित इस्तेमाल बेहद जरूरी है।
