
मसूरी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को शहीद स्थल झूलाघर, मसूरी में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए मसूरी गोलीकांड में शहीद राज्य आंदोलनकारियों को नमन किया। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों के संघर्ष, तप, त्याग और बलिदान से उत्तराखंड राज्य गठन का सपना साकार हुआ। शहीद आंदोलनकारियों का बलिदान प्रत्येक उत्तराखंडवासी की स्मृतियों में सदैव अमर रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलन में मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सरकार आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों के सम्मान व कल्याण के लिए लगातार कदम उठा रही है। आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है, जबकि चिह्नित आंदोलनकारियों की परित्यक्ता, विधवा और तलाकशुदा पुत्रियों को भी इसका लाभ दिया गया है।

उन्होंने बताया कि शहीद आंदोलनकारियों के परिवारों की मासिक पेंशन 3 हजार से बढ़ाकर 5,500 रुपये, जेल गए व घायल आंदोलनकारियों की पेंशन 6 हजार से 7 हजार रुपये तथा सक्रिय आंदोलनकारियों की पेंशन 4,500 से 5,500 रुपये की गई है। पूर्णतः शय्याग्रस्त दिव्यांग आंदोलनकारियों की पेंशन भी 20 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह की गई है।
सीएम ने कहा कि सरकार ने महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, समान नागरिक संहिता, सख्त नकल विरोधी कानून और कठोर भू-कानून जैसे महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। बीते पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड की अस्मिता और डेमोग्राफी की रक्षा के साथ प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना है। कोई गांव विकास से वंचित न रहे और युवाओं को रोजगार के लिए पलायन न करना पड़े, इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी, रविंद्र जुगरान, जिलाधिकारी देहरादून आशीष चौहान सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।
