देहरादून। नशामुक्त उत्तराखंड के विजन को लेकर जिला प्रशासन ने ड्रग्स के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने जिला स्तरीय नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन समिति की बैठक में नशे की सप्लाई चेन तोड़ने और अवैध नशामुक्ति केंद्रों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

मोथरोवाला में बिना पंजीकरण संचालित नशामुक्ति केंद्र की शिकायत पर डीएम ने उसे तत्काल सीज करने के आदेश दिए। साथ ही सभी नशामुक्ति केंद्रों की ऑनलाइन निगरानी के लिए डिजिटल डैशबोर्ड बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 208 मुकदमे दर्ज कर 237 अभियुक्तों को जेल भेजा गया है। वहीं 40 आरोपियों के खिलाफ धारा 29 और चार के खिलाफ धारा 27ए के तहत कार्रवाई की गई है।

डीएम ने कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में औचक निरीक्षण व रैंडम सैंपलिंग, छात्रों से ई-शपथ, एंटी ड्रग्स कार्यशालाओं तथा मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच के निर्देश दिए। छात्रावासों, पीजी और कोचिंग संस्थानों में भी निगरानी बढ़ाने को कहा गया है।
75 बेड के नशामुक्ति केंद्र को 132 लाख की पहली किस्त
रायवाला के समीप 0.4050 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित 75 बेड के राजकीय नशामुक्ति केंद्र के लिए 775.09 लाख रुपये की डीपीआर शासन को भेजी गई है। इसके सापेक्ष केंद्र सरकार से पहली किस्त के रूप में 132 लाख रुपये अवमुक्त किए जा चुके हैं।
