भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों के स्थायी समाधान के लिए तैयार होगी डीपीआर, 24 घंटे निगरानी और पर्याप्त मशीनरी तैनात रखने के निर्देश

देहरादून, 2 सितंबर। मसूरी रोड पर वर्षाकाल के दौरान भूस्खलन और मलबे से बार-बार प्रभावित होने वाले संवेदनशील क्षेत्रों को लेकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बुधवार को स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पानीवाला बैंड, ग्लोगी सहित विभिन्न संवेदनशील प्वाइंट्स पर सड़क, पहाड़ी ढलानों और जल निकासी व्यवस्था की स्थिति का मौके पर जायजा लिया।
जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि चिन्हित संवेदनशील क्षेत्रों का तकनीकी परीक्षण कराते हुए वहां मौजूद जोखिमों का विस्तृत आकलन किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर लगातार भूस्खलन, पहाड़ी से मलबा आने अथवा सड़क बाधित होने की समस्या सामने आती है, वहां अस्थायी इंतजामों के बजाय वैज्ञानिक एवं दीर्घकालिक समाधान पर काम किया जाए।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी संवेदनशील स्थानों के स्थायी समाधान के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाए। डीपीआर में भूगर्भीय एवं तकनीकी परिस्थितियों के अध्ययन के साथ सड़क सुरक्षा, पहाड़ी ढलानों की सुरक्षा, मलबे के ठहराव, जल निकासी, रिटेनिंग वॉल और अन्य आवश्यक प्रोटेक्शन कार्यों को शामिल किया जाए।

मार्ग बाधित होते ही तत्काल कार्रवाई
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि वर्षाकाल के दौरान मसूरी रोड पर 24 घंटे निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। भूस्खलन या मलबा आने से मार्ग बाधित होने की स्थिति में प्राथमिकता के आधार पर तत्काल सड़क खोलने की कार्रवाई की जाए। इसके लिए जेसीबी, पोकलैंड, डंपर और अन्य आवश्यक मशीनरी की पर्याप्त व्यवस्था रखने को कहा गया है, ताकि आपात स्थिति में मशीनरी उपलब्ध कराने में देरी न हो।
उन्होंने लोक निर्माण विभाग एवं राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही सड़क किनारे नालियों, पुलियों और भूमिगत जल निकासी व्यवस्था की नियमित सफाई एवं रखरखाव सुनिश्चित करने को कहा, ताकि बारिश का पानी सड़क और पहाड़ी ढलानों को नुकसान न पहुंचाए।

चेतावनी संकेतक और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश
डीएम ने संभावित भूस्खलन क्षेत्रों और मलबा जमा होने वाले स्थानों पर लगातार निगरानी रखने के साथ आवश्यक सुरक्षात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत चेतावनी संकेतक और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं भी दुरुस्त रखने को कहा गया है।
वर्षाकाल में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला आपदा कंट्रोल रूम के साथ संबंधित तहसील एवं ब्लॉक स्तरीय कंट्रोल रूम को 24 घंटे सक्रिय और आपसी समन्वय में रखने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व विभाग की टीमों को भी अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण कर वर्षा एवं भूस्खलन से संभावित क्षति का आकलन करने तथा सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
आमजन से सावधानी बरतने की अपील
जिलाधिकारी ने आमजन से अपील की कि भारी बारिश अथवा प्रतिकूल मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदी-नालों, गधेरों और बरसाती नालों के किनारे न जाएं, क्योंकि वर्षाकाल में इनका बहाव अचानक तेज हो सकता है।
निरीक्षण के दौरान संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद सहित लोक निर्माण विभाग एवं राजस्व विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
