देहरादून से मसूरी के बीच बनेगा 42 किमी लंबा नया नेशनल हाईवे, करीब ₹3,500 करोड़ की परियोजना को मंजूरी; दो लंबी सुरंगें होंगी सबसे बड़ी खासियत
देहरादून। पहाड़ों की रानी मसूरी जाने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। देहरादून से मसूरी के बीच एक नया नेशनल हाईवे विकसित किए जाने की योजना है। प्रस्तावित करीब 42 किलोमीटर लंबे दो-लेन हाईवे के निर्माण पर लगभग ₹3,500 करोड़ खर्च होने की बात सामने आई है। इस परियोजना का उद्देश्य देहरादून-मसूरी मार्ग पर बढ़ते यातायात दबाव को कम करना, सफर को सुरक्षित और सुगम बनाना तथा बरसात के दौरान सड़क बंद होने की समस्या का स्थायी विकल्प तैयार करना है।
जानकारी के अनुसार प्रस्तावित हाईवे जाजरा से मसूरी के लाइब्रेरी चौक तक बनाया जाएगा। इस मार्ग की सबसे बड़ी विशेषताओं में पहाड़ के भीतर बनाई जाने वाली दो लंबी सुरंगें शामिल हैं। जॉर्ज एवरेस्ट क्षेत्र के नीचे करीब 2.9 किलोमीटर लंबी सुरंग, जबकि मसूरी की पहाड़ियों में करीब 2 किलोमीटर लंबी दूसरी सुरंग प्रस्तावित है।
तीखे मोड़ों और भूस्खलन वाले क्षेत्रों से मिलेगी राहत
मौजूदा देहरादून-मसूरी मार्ग पर पर्यटक सीजन के दौरान वाहनों का दबाव काफी बढ़ जाता है। कई स्थानों पर सड़क संकरी होने और तीखे मोड़ होने के कारण यातायात की रफ्तार प्रभावित होती है। बारिश के दौरान भूस्खलन और सड़क क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं भी यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी बनती हैं।
नई सुरंगों और बेहतर सड़क संरचना के जरिए ऐसे संवेदनशील हिस्सों को बाईपास करने में मदद मिलने की उम्मीद है। इससे यात्रा का समय कम होने के साथ-साथ वाहन चालकों को अधिक सुरक्षित और सुगम मार्ग मिल सकेगा।
मसूरी के लिए बनेगा वैकल्पिक मार्ग
वर्तमान में देहरादून से मसूरी पहुंचने के लिए मुख्य रूप से एक ही प्रमुख मार्ग पर भारी दबाव रहता है। पर्यटक सीजन में इस मार्ग पर घंटों जाम लगने की स्थिति पैदा हो जाती है। वहीं केमाड़ी मार्ग को वैकल्पिक रास्ते के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन मानसून के दौरान इसके क्षतिग्रस्त होने की समस्या सामने आती रहती है।
ऐसे में नया हाईवे मसूरी के लिए एक स्थायी वैकल्पिक कनेक्टिविटी के रूप में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
स्थानीय लोगों को भी होगा फायदा
मसूरी केवल पर्यटन का प्रमुख केंद्र नहीं है, बल्कि बड़ी संख्या में स्थानीय लोग रोजाना देहरादून और आसपास के क्षेत्रों से आवागमन करते हैं। पर्यटन सीजन में लगने वाले जाम का असर स्कूल, अस्पताल, व्यापार और रोजमर्रा की आवाजाही पर भी पड़ता है।
नए हाईवे से यातायात का दबाव अलग-अलग मार्गों पर बंटने की उम्मीद है। इससे मसूरी शहर के भीतर जाम कम करने में मदद मिल सकती है। प्रस्तावित मार्ग के आसपास आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों को भी बेहतर सड़क संपर्क मिलने की संभावना है।
NH-707A से भी जोड़ा जाएगा मार्ग
प्रस्तावित नया मार्ग चारस्पोच और धनीज नगर होते हुए NH-707A मसूरी-कैंटीफॉल मार्ग से जोड़े जाने की योजना बताई गई है। इससे आसपास के इलाकों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और पर्यटन गतिविधियों के साथ क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
पर्यटन के साथ आपदा प्रबंधन में भी अहम
मसूरी में हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। सीमित सड़क क्षमता के कारण पीक सीजन में यातायात व्यवस्था चुनौती बन जाती है। वहीं मानसून के दौरान भूस्खलन और सड़क अवरोध से संपर्क प्रभावित होने का खतरा बना रहता है।
ऐसे में नया हाईवे केवल पर्यटन सुविधा की परियोजना नहीं, बल्कि बेहतर कनेक्टिविटी, आपदा प्रबंधन और क्षेत्रीय विकास के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हालांकि परियोजना का वास्तविक लाभ निर्माण कार्य की गुणवत्ता, समयसीमा और यातायात प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था पर निर्भर करेगा। यदि यह परियोजना निर्धारित समय में पूरी होती है तो देहरादून-मसूरी कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।



