देहरादून। उत्तराखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) कार्यक्रम के तहत मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी. वी. आर. सी. पुरुषोत्तम ने सचिवालय में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर 14 जुलाई 2026 को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची की डिजिटल प्रति उन्हें सौंपी। इस दौरान उन्होंने राजनीतिक दलों द्वारा SIR के प्रथम चरण में दिए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए आगामी प्रक्रिया में भी सक्रिय सहभागिता की अपील की।

बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में SIR कार्यक्रम का पहला चरण सफलतापूर्वक पूर्ण होने के बाद 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। इस सूची में 71,33,785 मतदाताओं के नाम शामिल किए गए हैं। वहीं सत्यापन के दौरान लगभग 8 लाख 26 हजार मतदाता ASD (Absent, Shifted, Dead) श्रेणी में पाए गए हैं। ऐसे मामलों का नियमानुसार परीक्षण किया जाएगा और प्राप्त दावों एवं आपत्तियों के आधार पर अंतिम मतदाता सूची तैयार की जाएगी।
उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य कर रहा है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में मतदान केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई गई है। पहले जहां राज्य में 11,733 मतदान केंद्र थे, वहीं अब इनकी संख्या बढ़ाकर 12,543 कर दी गई है, ताकि मतदाताओं को अधिक सुविधाजनक और सुगम मतदान व्यवस्था उपलब्ध कराई जा सके।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि जिन पात्र नागरिकों का नाम किसी कारणवश ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाया है, उन्हें चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। निर्वाचन आयोग ने उन्हें एक और अवसर प्रदान किया है। इसके लिए प्रत्येक बूथ लेवल अधिकारी (BLO) को 100-100 फॉर्म-6 उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि नए मतदाता अपना नाम सूची में शामिल करा सकें।
उन्होंने बताया कि 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक मतदाता फॉर्म-6 के माध्यम से नया नाम जोड़ने, फॉर्म-7 के जरिए नाम हटाने तथा फॉर्म-8 के माध्यम से नाम, पता अथवा अन्य विवरणों में संशोधन के लिए दावे एवं आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। आयोग ने सभी पात्र नागरिकों से इस अवधि के दौरान अपनी प्रविष्टियों का सत्यापन कर आवश्यक होने पर निर्धारित प्रपत्रों के माध्यम से आवेदन करने की अपील की है।
डॉ. पुरुषोत्तम ने बताया कि मतदाता सूची से किसी व्यक्ति का नाम हटाने के लिए एक व्यक्ति अधिकतम पांच आक्षेप ही प्रस्तुत कर सकेगा। यदि कोई व्यक्ति पांच से अधिक आक्षेप दाखिल करता है, तो संबंधित निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) ऐसे सभी मामलों की व्यक्तिगत जांच कराएंगे, जिससे किसी भी प्रकार की अनियमितता या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों को रोका जा सके।
बैठक में निर्वाचन आयोग और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के बीच मतदाता सूची के पुनरीक्षण, दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया तथा आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से मतदाता सूची के परीक्षण में सक्रिय सहयोग करने का आग्रह किया, ताकि अंतिम मतदाता सूची अधिकतम शुद्ध एवं त्रुटिरहित तैयार की जा सके।
इस अवसर पर अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चंद्र दुम्का, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास सहित भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी तथा सीपीआई (एम) के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।




