ड्यूटी के दौरान शराब पीने का आरोप, गुमखाल से पहले बिगड़ी हालत; दूसरी बस से यात्रियों को भेजा गया पोखड़ा

कोटद्वार से पोखड़ा जा रही उत्तराखंड परिवहन निगम की बस में बुधवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब चलती बस में तैनात परिचालक अचानक बेसुध होकर गिर पड़ा। यात्रियों ने आरोप लगाया कि परिचालक अत्यधिक शराब के नशे में था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिचालक की स्थिति का जायजा लिया। बस से शराब की एक खाली बोतल मिलने की बात भी सामने आई है।

जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे उत्तराखंड परिवहन निगम के कोटद्वार डिपो की बस संख्या UK 07 PA 6723 यात्रियों को लेकर पोखड़ा के लिए रवाना हुई थी। बस गुमखाल से पहले डे-नाइट होटल के समीप पहुंची, तभी परिचालक की हालत अचानक बिगड़ गई और वह बस में ही बेसुध होकर लेट गया।

परिचालक की हालत देखकर यात्रियों में हड़कंप मच गया। यात्रियों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिचालक की स्थिति देखी। यात्रियों का आरोप है कि परिचालक शराब के अत्यधिक नशे में था। इसी दौरान बस से शराब की खाली बोतल मिलने की बात भी सामने आई।

ड्यूटी के दौरान शराब सेवन पर उठे सवाल

परिचालक के कथित रूप से शराब के नशे में मिलने के बाद रोडवेज की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। यात्रियों का कहना है कि यदि परिचालक ने ड्यूटी के दौरान शराब का सेवन किया था, तो यह गंभीर लापरवाही है। सवारियों से भरी बस में परिचालक की जिम्मेदारी बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसी स्थिति यात्रियों की सुरक्षा और परिवहन निगम की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

परिचालक के बेसुध होने के बाद बस की यात्रा प्रभावित हो गई। यात्रियों को आगे की यात्रा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था का इंतजार करना पड़ा। बताया गया कि कोटद्वार से दूसरी बस भेजी गई, जिसके बाद यात्रियों को पोखड़ा के लिए रवाना किया जा सका।

इस पूरी प्रक्रिया में यात्रियों को करीब दो घंटे तक परेशानी और इंतजार का सामना करना पड़ा। घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि ड्यूटी पर तैनात रोडवेज कर्मचारियों की निगरानी और अनुशासन को लेकर परिवहन निगम की व्यवस्था कितनी प्रभावी है। मामले में विभागीय कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।

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