बोले—“राजनीति में रहूं या न रहूं, आपके साथ हमेशा खड़ा रहूंगा”
चकराता। पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता स्वर्गीय गुलाब सिंह की 100वीं जयंती पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम भावनात्मक क्षणों का गवाह बना। कार्यक्रम में उनके पुत्र एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह ने पिता की स्मृतियों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। पिता के जीवन, संघर्ष और जनसेवा का जिक्र करते हुए प्रीतम सिंह भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।
प्रीतम सिंह ने कहा कि स्वर्गीय गुलाब सिंह ने अपने राजनीतिक जीवन में क्षेत्र के विकास और लोगों के हितों के लिए लगातार संघर्ष किया। चकराता को जनजातीय क्षेत्र का दर्जा दिलाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसे क्षेत्र के इतिहास में हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक उपलब्धि नहीं, बल्कि क्षेत्र के लोगों के अधिकारों और पहचान से जुड़ा ऐतिहासिक कार्य था।
पिता के दिखाए रास्ते पर चलने का प्रयास
प्रीतम सिंह ने कहा कि उनके पिता ने उन्हें राजनीति के साथ-साथ जनसेवा, ईमानदारी और लोगों के बीच खड़े रहने का संस्कार दिया। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय गुलाब सिंह के विचार और जनसेवा की भावना आज भी उनके लिए सबसे बड़ी प्रेरणा हैं।
उन्होंने कहा कि पिता ने जो रास्ता दिखाया, उस पर चलने का वह लगातार प्रयास कर रहे हैं। उनके लिए राजनीति केवल पद या सत्ता का माध्यम नहीं, बल्कि जनता के साथ खड़े होकर उनकी समस्याओं और अधिकारों की आवाज उठाने का जरिया रही है।
“राजनीति में रहूं या न रहूं…”
पिता को याद करते हुए प्रीतम सिंह ने कहा, “प्रीतम सिंह राजनीति में रहे या न रहे, लेकिन आपके साथ हमेशा खड़ा रहेगा।” यह कहते हुए वह भावुक हो गए। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच भी इस भावुक क्षण ने माहौल को गमगीन कर दिया।
स्वर्गीय गुलाब सिंह की 100वीं जयंती के अवसर पर उनके राजनीतिक एवं सामाजिक योगदान को याद करते हुए वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने जौनसार-बावर क्षेत्र की आवाज को मजबूती से उठाया और क्षेत्र के हितों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में उनके व्यक्तित्व, संघर्ष और जनसेवा से जुड़े संस्मरण भी साझा किए गए।
