ढलानी में सड़क की बदहाली से बढ़ा हादसे का खतरा, ग्रामीणों की सुरक्षा पर सवाल

भूस्खलन से धंसा सड़क का बड़ा हिस्सा, सुरक्षा रेलिंग भी टूटी; ग्रामीणों ने तत्काल मरम्मत और वैकल्पिक व्यवस्था की उठाई मांग

विकासनगर। ग्राम पंचायत ढलानी में सड़क की बदहाल स्थिति ग्रामीणों के लिए गंभीर चिंता का कारण बनी हुई है। भूस्खलन के कारण सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस गया है, वहीं सड़क किनारे सुरक्षा के लिए लगाई गई रेलिंग भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इससे मार्ग पर हादसे का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों को मजबूरी में जोखिम उठाकर इसी मार्ग से आवागमन करना पड़ रहा है।

सड़क की स्थिति को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सुनील रौछेला ने चिंता जताते हुए प्रशासन और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सड़क की हालत लगातार खराब होती जा रही है, लेकिन अभी तक समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं।

आपात स्थिति में बढ़ सकती है परेशानी

सुनील रौछेला ने कहा कि ढलानी क्षेत्र के ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि सड़क क्षतिग्रस्त होने के बावजूद आवागमन के लिए कोई उचित वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं है। यदि किसी ग्रामीण की अचानक तबीयत खराब हो जाए, कोई दुर्घटना हो जाए अथवा किसी मरीज को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की जरूरत पड़े तो ऐसी स्थिति में गंभीर परेशानी खड़ी हो सकती है।

उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान भूस्खलन की आशंका और बढ़ जाती है। सड़क का धंसा हुआ हिस्सा और क्षतिग्रस्त सुरक्षा रेलिंग वाहन चालकों तथा पैदल राहगीरों के लिए खतरा बनी हुई है। ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

बड़े हादसे के बाद जागेगा विभाग?

सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा कि संबंधित विभाग को सड़क की स्थिति की जानकारी होने के बावजूद अभी तक समस्या का प्रभावी समाधान नहीं किया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या विभाग किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा? उन्होंने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल मौके का निरीक्षण कराने की मांग की है।

सुरक्षा दीवार और रेलिंग दुरुस्त करने की मांग

उन्होंने क्षतिग्रस्त सड़क की तत्काल मरम्मत कराने के साथ-साथ सड़क के कमजोर हिस्से पर सुरक्षा दीवार का निर्माण कराने और टूटी हुई सुरक्षा रेलिंग को जल्द दुरुस्त करने की मांग की। उनका कहना है कि केवल सड़क की मरम्मत ही पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि भविष्य में भूस्खलन की स्थिति को देखते हुए मजबूत सुरक्षा उपाय भी किए जाने जरूरी हैं।

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जब तक सड़क की स्थायी मरम्मत पूरी नहीं होती, तब तक ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आपातकालीन आवागमन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी आपात स्थिति में मरीजों और ग्रामीणों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क उनके लिए आवागमन का महत्वपूर्ण साधन है। ऐसे में विभाग को बिना देरी किए मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेना चाहिए और जल्द से जल्द आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।

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