खड़गे की रैली के बाद ‘शुद्धिकरण’ पर सियासी संग्राम, आज सचिवालय कूच करेगी कांग्रेस

दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदेश कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन; सुबह 10:30 बजे प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से निकलेगा मार्च

देहरादून, 1 सितंबर। हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर उत्तराखंड की सियासत गरमाती जा रही है। इस मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस आज मंगलवार को देहरादून में सचिवालय कूच करेगी। कांग्रेस ने इसे सामाजिक सम्मान, समानता और संवैधानिक मूल्यों से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए सरकार से कथित तौर पर शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। 

कांग्रेस की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार आज सुबह 10:30 बजे पार्टी कार्यकर्ता सचिवालय कूच के लिए रवाना होंगे। पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों, वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के बड़ी संख्या में शामिल होने की संभावना जताई गई है। कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस ने कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया है।

8 अगस्त की रैली के बाद शुरू हुआ विवाद

दरअसल, 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ‘विजय शंखनाद रैली’ आयोजित हुई थी। रैली के बाद मैदान में कथित तौर पर हवन और गंगाजल का छिड़काव कर ‘शुद्धिकरण’ किए जाने का मामला सामने आया। इसके बाद कांग्रेस ने इसे दलित समाज और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे के अपमान से जोड़ते हुए तीखा विरोध शुरू कर दिया। 

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सार्वजनिक स्थल पर इस तरह का ‘शुद्धिकरण’ किया जाना सामाजिक भेदभाव और छुआछूत की मानसिकता को दर्शाता है। पार्टी ने इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

कांग्रेस का आरोप—दोषियों पर कार्रवाई के बजाय नेताओं पर मुकदमे

प्रदेश कांग्रेस का कहना है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद कथित शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ भी हल्द्वानी मामले को लेकर एफआईआर दर्ज होने से विवाद और राजनीतिक रूप से गरमा गया है। कांग्रेस ने इसे मुद्दे को दबाने की कोशिश बताते हुए सरकार पर निशाना साधा है। 

हालांकि, दूसरी ओर शुद्धिकरण कार्यक्रम से जुड़े आयोजकों ने जातिगत भेदभाव के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि मंच पर गंदगी आदि के कारण धार्मिक अनुष्ठान किया गया था। भाजपा की ओर से भी कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया गया है। ऐसे में यह विवाद अब कांग्रेस बनाम भाजपा के बीच बड़े राजनीतिक टकराव का रूप ले चुका है। 

पहले थाने में तहरीर, अब सचिवालय घेराव

मामले को लेकर कांग्रेस पहले ही पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर कथित दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग कर चुकी है। 31 अगस्त को कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने हल्द्वानी में भी पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। 

अब प्रदेश कांग्रेस ने आंदोलन को राजधानी देहरादून तक पहुंचाने का निर्णय लिया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की ओर से जारी कार्यक्रम में आज सचिवालय कूच का आह्वान किया गया है। कांग्रेस का कहना है कि जब तक कथित शुद्धिकरण प्रकरण में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक पार्टी इस मुद्दे को मजबूती से उठाती रहेगी।

सचिवालय कूच पर पुलिस-प्रशासन की भी नजर

कांग्रेस के इस प्रदर्शन को देखते हुए देहरादून में पुलिस-प्रशासन के स्तर पर भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर तैयारियां किए जाने की संभावना है। सचिवालय की ओर बढ़ने वाले कार्यकर्ताओं को निर्धारित स्थान पर रोकने की स्थिति में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच नोकझोंक या धरने की स्थिति भी बन सकती है।

सियासत के केंद्र में ‘शुद्धिकरण’ विवाद

हल्द्वानी के रामलीला मैदान से शुरू हुआ यह विवाद अब उत्तराखंड की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन चुका है। कांग्रेस इसे दलित सम्मान और संवैधानिक मूल्यों से जोड़ रही है, जबकि भाजपा और आयोजन से जुड़े लोगों की ओर से कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया जा रहा है। ऐसे में आज का सचिवालय कूच इस पूरे विवाद को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव का अगला बड़ा अध्याय माना जा रहा है।

दून वैली टाइम्स की नजर आज के सचिवालय कूच, पुलिस कार्रवाई और कांग्रेस के प्रदर्शन पर रहेगी।

कार्यक्रम एक नजर में

  • कार्यक्रम: सचिवालय कूच
  • मुद्दा: हल्द्वानी रामलीला मैदान के कथित ‘शुद्धिकरण’ प्रकरण में कार्रवाई की मांग
  • दिनांक: 1 सितंबर 2026
  • समय: सुबह 10:30 बजे
  • आयोजक: उत्तराखंड कांग्रेस
  • मुख्य मांग: कथित दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई

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