दिल्ली में बड़ा हादसा: पांच मंजिला पीजी इमारत भरभराकर गिरी, 5 की मौत; 7 घायल

सत्य निकेतन में बेसमेंट की मरम्मत के दौरान हादसा, मलबे में कई छात्रों के दबे होने की आशंका; राहत-बचाव अभियान जारी

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। सत्य निकेतन कैंपस के पास स्थित करीब पांच मंजिला पीजी इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जुट गए।

हादसे में अब तक पांच लोगों की मौत की सूचना है, जबकि करीब 10 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया है। वहीं, सात घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मलबे के नीचे अभी भी कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है, जिसके चलते राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है।

बेसमेंट में चल रही थी मरम्मत, अचानक ढही इमारत

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इमारत के बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक इमारत का एक हिस्सा भरभराकर गिर गया और देखते ही देखते पूरी संरचना मलबे में तब्दील हो गई। बताया जा रहा है कि इमारत काफी पुरानी थी और इसमें करीब 20 से 25 कमरे थे।

हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग, कैट्स एंबुलेंस, एनडीआरएफ और अन्य बचाव दल मौके पर पहुंच गए। जेसीबी और अन्य भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया।

मलबे में छात्रों के दबे होने की आशंका

हादसे वाली इमारत में पीजी संचालित होने के कारण कई छात्रों के मौजूद होने की जानकारी सामने आई है। बचाव दल मलबे के अंदर फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं। राहतकर्मी बेहद सावधानी से मलबा हटाकर अंदर तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि किसी जीवित व्यक्ति को नुकसान न पहुंचे।

प्रधानमंत्री ने जताया दुख

हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दुख जताया है। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि अधिकारियों की राहत एवं बचाव कार्य में जुटी टीमें हरसंभव मदद कर रही हैं।

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। घटनास्थल पर राहत-बचाव कार्य जारी है और अधिकारियों द्वारा हादसे की परिस्थितियों की जांच भी की जा रही है। इमारत गिरने के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा।

About The Author