दून वैली टाइम्स | नई दिल्ली
E20 पेट्रोल की गुणवत्ता को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं और मिलावट के आरोपों के बीच केंद्र सरकार ने पहली बार आधिकारिक रूप से अपनी स्थिति स्पष्ट की है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा है कि देशभर में एथेनॉल मिश्रित (E20) पेट्रोल की गुणवत्ता की नियमित और वैज्ञानिक तरीके से निगरानी की जा रही है। सरकार के अनुसार अब तक हुई जांच में केवल दो मामलों में क्लोराइड कंटैमिनेशन पाया गया, जिन संबंधित पेट्रोल पंपों पर तत्काल प्रभाव से ईंधन की बिक्री रोक दी गई।
मंत्रालय ने बताया कि देशभर के 87,000 से अधिक पेट्रोल पंपों पर हर वर्ष 8 से 12 बार ईंधन की गुणवत्ता की जांच की जाती है। इसके अलावा 2,000 से अधिक फ्यूल सैंपलों की क्लोराइड और सल्फाइड कंटैमिनेशन के लिए भी विशेष जांच कराई गई है।
मल्टी-लेयर क्वालिटी कंट्रोल सिस्टम लागू
सरकार के अनुसार E20 पेट्रोल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बहु-स्तरीय (Multi-Layer) क्वालिटी कंट्रोल सिस्टम लागू किया गया है। एथेनॉल की खरीद के समय से ही उसकी जांच शुरू हो जाती है। गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरने के बाद ही एथेनॉल को अलग स्टोरेज सुविधा में रखा जाता है, ताकि किसी भी प्रकार के कंटैमिनेशन की संभावना न रहे।
302 टैंकर एथेनॉल किए गए रिजेक्ट
सरकार ने जानकारी दी कि जुलाई 2024 से जून 2026 के बीच गुणवत्ता जांच में 302 एथेनॉल टैंकर मानकों पर खरे नहीं उतरे। इनमें लगभग 10,500 किलोलीटर एथेनॉल था, जिसे सप्लाई चेन में शामिल करने से पहले ही रिजेक्ट कर दिया गया। सरकार का कहना है कि इससे खराब गुणवत्ता वाला ईंधन बाजार तक पहुंचने से रोक दिया गया।
शिकायत सही मिली तो होगी सख्त कार्रवाई
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी पेट्रोल पंप पर ईंधन में मिलावट या कंटैमिनेशन की शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित रिटेल आउटलेट के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने कहा कि ईंधन की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
सोशल मीडिया पर उठ रहे हैं सवाल
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें दावा किया गया कि E20 पेट्रोल के कारण वाहनों का माइलेज कम हो रहा है और बाइक तथा कारों के इंजन प्रभावित हो रहे हैं। इन दावों के बाद विपक्षी दलों ने भी सरकार पर सवाल उठाए हैं। आम आदमी पार्टी सहित कुछ राजनीतिक दलों ने E20 नीति पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
हालांकि, केंद्र सरकार का कहना है कि उपलब्ध जांच रिपोर्टों के आधार पर व्यापक स्तर पर ईंधन की गुणवत्ता सुरक्षित पाई गई है और गुणवत्ता नियंत्रण की प्रक्रिया लगातार जारी है।
