देहरादून। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने ₹55.48 लाख की साइबर ठगी के मामले में अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के एक सदस्य को पंजाब के अमृतसर से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रभजीत सिंह (20 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक आरोपी के बैंक खाते में ठगी की रकम में से ₹8.94 लाख ट्रांसफर हुए थे, जिन्हें उसने चेक और एटीएम के माध्यम से निकाला।
शेयर और IPO में निवेश का झांसा देकर ठगी
पुलिस के अनुसार, साइबर ठगों ने शिकायतकर्ता से संपर्क कर खुद को IIFL Wealth Management से जुड़ा बताया। आरोपियों ने शेयर बाजार और IPO में निवेश के नाम पर अधिक मुनाफा कमाने का लालच दिया। झांसे में आने के बाद शिकायतकर्ता ने आरोपियों द्वारा बताए गए अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करनी शुरू कर दी।
16 दिसंबर 2025 से 28 जनवरी 2026 के बीच शिकायतकर्ता से अलग-अलग बैंक खातों में कुल ₹55,48,412 की रकम RTGS के माध्यम से जमा कराई गई। बाद में जब शिकायतकर्ता को ठगी का एहसास हुआ तो मामले की शिकायत साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में की गई।
आरोपी के खाते में पहुंची ₹8.94 लाख की रकम
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल बैंक खातों और लेन-देन का तकनीकी विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि आरोपी प्रभजीत सिंह के पंजाब नेशनल बैंक (PNB) खाते में ठगी की रकम में से दो बार में ₹3,18,000 और ₹5,76,300, यानी कुल ₹8,94,300 ट्रांसफर किए गए थे।
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने खाते में पहुंची इस रकम को अलग-अलग माध्यमों से निकाल लिया। बैंकिंग लेन-देन, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान कर उसकी तलाश शुरू की।
अमृतसर में दबिश देकर गिरफ्तारी
जांच के दौरान पुलिस टीम को आरोपी के अमृतसर में होने की जानकारी मिली। इसके बाद साइबर क्राइम पुलिस की टीम ने पंजाब पहुंचकर दबिश दी और 11 अगस्त 2026 को तारा वाला पुल, जालंधर रोड, अमृतसर से प्रभजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपी ने साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों तथा विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से ठगी की रकम निकाले जाने के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी है।
मोबाइल फोन और SMS अलर्ट नंबर बरामद
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन और एक SMS अलर्ट नंबर भी बरामद किया है। बरामद इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि तकनीकी जांच और पूछताछ के आधार पर साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक भी पहुंच बनाई जा सकेगी।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
साइबर क्राइम पुलिस के अनुसार, मामले में अभी जांच जारी है। पुलिस टीम गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के साथ-साथ ठगी की रकम की बरामदगी के प्रयास कर रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी और उसके साथियों ने अन्य लोगों को भी इसी तरीके से अपना निशाना बनाया था या नहीं।
साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि शेयर बाजार, IPO, ऑनलाइन ट्रेडिंग या निवेश में असामान्य रूप से अधिक मुनाफे का लालच देने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था पर बिना सत्यापन के भरोसा न करें। किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर बैंक खाते में रकम ट्रांसफर करने से पहले पूरी जानकारी की जांच करें।
