डिफेंस कॉलोनी की जमीन पर भूमाफिया की नजर

दून वैली टाइम्स | देहरादून

देहरादून की प्रतिष्ठित डिफेंस कॉलोनी में भूमि और मकानों की खरीद-फरोख्त को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। बढ़ती अनियमितताओं और कथित तौर पर भू-माफिया एवं प्रॉपर्टी डीलरों की सक्रियता को देखते हुए अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं जिला निबंधक कृष्ण कुमार मिश्रा ने जिले के सभी उप निबंधकों (सब-रजिस्ट्रार) को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि सैनिक सहकारी आवास समिति लिमिटेड (डिफेंस कॉलोनी) की अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के बिना किसी भी संपत्ति का विक्रय-पत्र पंजीकृत नहीं किया जाएगा।

प्रशासन ने यह भी कहा है कि इस संबंध में सभी मामलों में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद और अवैध संपत्ति हस्तांतरण को रोका जा सके।

मुख्यमंत्री से शिकायत के बाद हरकत में आया प्रशासन

मामले की शुरुआत सैनिक सहकारी आवास समिति लिमिटेड, डिफेंस कॉलोनी के सचिव कर्नल राजेन्द्र सिंह खत्री (सेवानिवृत्त) द्वारा 21 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र से हुई। पत्र में आरोप लगाया गया कि डिफेंस कॉलोनी एक पंजीकृत आवासीय कॉलोनी है, जिसका संचालन उत्तराखंड सहकारी समितियां अधिनियम के तहत गठित प्रबंधन समिति द्वारा किया जाता है।

समिति ने शिकायत में कहा कि पिछले कुछ समय से भू-माफिया, प्रॉपर्टी डीलर और बिल्डर कॉलोनी के निवासियों को लालच देकर उनकी संपत्तियां सर्किल रेट से चार से छह गुना अधिक कीमत पर खरीदने के प्रयास कर रहे हैं। इससे कॉलोनी की मूल व्यवस्था और नियमों के उल्लंघन की आशंका बढ़ गई है।

NOC के बिना रजिस्ट्री कराने का फैलाया जा रहा भ्रम

समिति ने अपने पत्र में यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग यह प्रचार कर रहे हैं कि समिति की NOC के बिना भी संपत्तियों की रजिस्ट्री कराई जा सकती है। इससे कॉलोनी के निवासी भ्रमित हो रहे हैं और अनियमित तरीके से संपत्तियों के हस्तांतरण का खतरा बढ़ गया है।

समिति ने प्रशासन से मांग की थी कि ऐसे मामलों पर तत्काल रोक लगाई जाए और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं ताकि कॉलोनी की वैधानिक व्यवस्था बनी रहे।

पहले भी जारी हो चुके हैं ऐसे निर्देश

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी तत्कालीन जिलाधिकारी के संज्ञान में इसी प्रकार का मामला लाया गया था। उस समय जिलाधिकारी ने सभी उप निबंधकों को निर्देश दिए थे कि समिति की NOC के बिना किसी भी संपत्ति की रजिस्ट्री न की जाए।

इसके अलावा 19 अगस्त 2023 को तत्कालीन अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं जिला निबंधक द्वारा पत्र संख्या 292 जारी कर भी इसी प्रकार के निर्देश दिए गए थे।

2023 के आदेश को फिर से किया गया प्रभावी

अपर जिलाधिकारी एवं जिला निबंधक कृष्ण कुमार मिश्रा ने अब वर्ष 2023 में जारी आदेश का पुनः संज्ञान लेते हुए सभी उप निबंधकों को निर्देशित किया है कि सैनिक सहकारी आवास समिति द्वारा उठाए गए तथ्यों को गंभीरता से लिया जाए और समिति की अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के बिना किसी भी संपत्ति का पंजीकरण न किया जाए।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई मामला सामने आता है तो उस पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

अनियमित संपत्ति कारोबार पर लगेगी लगाम

प्रशासन के इस फैसले को डिफेंस कॉलोनी में अनियमित संपत्ति कारोबार, कथित भू-माफियाओं की गतिविधियों और नियमों के विरुद्ध हो रहे भूमि हस्तांतरण पर रोक लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे कॉलोनी के वास्तविक सदस्यों और निवासियों के हितों की सुरक्षा के साथ-साथ भविष्य में कानूनी विवादों को भी कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

हालांकि, प्रशासन के आदेश का उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि संपत्तियों का हस्तांतरण निर्धारित नियमों और वैधानिक प्रक्रिया के अनुरूप ही हो।


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