एनडीए छात्रा हॉस्टल हादसा: 04 छात्राओं पर मुकदमा, हादसा या साजिश? जांच पर टिकी निगाहें

Listen to this article

देहरादून। राजपुर थाना क्षेत्र स्थित Doon Defence Dreamers/Dreamers Eduhub Limited के गर्ल्स हॉस्टल में एनडीए की तैयारी कर रही 17 वर्षीय छात्रा के तीसरी मंजिल से गिरकर गंभीर रूप से घायल होने के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। घटना के करीब दो सप्ताह बाद पुलिस ने पीड़िता के पिता की शिकायत पर हॉस्टल में रहने वाली चार छात्राओं के खिलाफ हत्या के प्रयास और साक्ष्यों से छेड़छाड़ जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी है।

ग्वालियर निवासी पीड़िता के पिता के अनुसार उनकी बेटी देहरादून में रहकर एनडीए प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही थी और राजेश्वर नगर स्थित गर्ल्स हॉस्टल में रहती थी। 4 जून की देर रात उन्हें सूचना मिली कि उनकी बेटी तीसरी मंजिल की बालकनी से नीचे गिर गई है। गंभीर हालत में उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह पिछले 14 दिनों से आईसीयू में जिंदगी और मौत से जूझ रही है।

पुलिस ने मान्या तंवर, अनन्या, अक्षता और नंदिनी नाम की चार छात्राओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) और धारा 238 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। सभी छात्राएं एनडीए परीक्षा की तैयारी कर रही हैं और घटना के समय हॉस्टल में मौजूद बताई जा रही हैं।

सहेलियों के बयानों पर परिजनों को संदेह

पीड़िता के पिता का आरोप है कि घटना के बाद छात्राओं द्वारा दी गई जानकारी और बयान आपस में मेल नहीं खाते। इसी वजह से उन्हें पूरी घटना संदिग्ध लग रही है। उन्होंने पुलिस से सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच कराने और घटना के समय मौजूद सभी छात्राओं के बयान अलग-अलग दर्ज करने की मांग की है।

परिजनों ने आशंका जताई है कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं भी हो सकती। उनका कहना है कि संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि छात्रा को धक्का दिया गया हो या घटना के पीछे कोई अन्य कारण हो, जिसकी जानकारी हॉस्टल में मौजूद छात्राओं को हो।

हादसा या साजिश? जांच पर टिकी निगाहें

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि छात्रा तीसरी मंजिल की बालकनी से कैसे गिरी। क्या यह महज एक दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई साजिश छिपी है? चूंकि पीड़िता अभी तक बयान देने की स्थिति में नहीं है, इसलिए जांच एजेंसियों के लिए उपलब्ध साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान ही सच तक पहुंचने का सबसे बड़ा आधार होंगे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज कर दी है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य इस रहस्यमयी घटना के पीछे की वास्तविक कहानी क्या उजागर करते हैं।

About The Author