यमुना नदी पर बन रही 204 मीटर ऊंची लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना से सिंचाई, पेयजल और बिजली उत्पादन को मिलेगा बड़ा फायदा
विकासनगर। उत्तराखंड के देहरादून जनपद के लखवाड़ क्षेत्र में यमुना नदी पर प्रस्तावित लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। मौके से सामने आई तस्वीरों में पहाड़ों की कटिंग, निर्माणाधीन संरचनाओं, भारी मशीनरी और नदी के किनारे चल रहे निर्माण कार्य की स्थिति साफ दिखाई दे रही है।
परियोजना का निर्माण उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (UJVN) की देखरेख में किया जा रहा है और इसके सिविल कार्यों के लिए एलएंडटी को जिम्मेदारी दी गई है। जुलाई 2026 में उत्तराखंड के मुख्य सचिव ने परियोजना स्थल का निरीक्षण कर निर्माण कार्य में तेजी लाने और परियोजना को 2031 तक पूरा करने के निर्देश दिए थे।

204 मीटर ऊंचा होगा बांध
लखवाड़ परियोजना में यमुना नदी पर करीब 204 मीटर ऊंचा कंक्रीट ग्रेविटी डैम बनाया जा रहा है। परियोजना की स्थापित विद्युत क्षमता 300 मेगावाट (3×100 मेगावाट) होगी। इसके भूमिगत पावर हाउस में तीन इकाइयां स्थापित की जाएंगी। परियोजना से सालाना लगभग 572.54 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन का लक्ष्य है।
सिर्फ बिजली ही नहीं, सिंचाई और पेयजल भी
लखवाड़ को बहुउद्देशीय परियोजना के रूप में विकसित किया जा रहा है। परियोजना के जलाशय की कुल भंडारण क्षमता लगभग 587.84 मिलियन क्यूबिक मीटर और लाइव स्टोरेज 330.40 मिलियन क्यूबिक मीटर बताया गया है। इससे करीब 33,780 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने तथा घरेलू, पेयजल और औद्योगिक उपयोग के लिए 78.83 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी उपलब्ध कराने की योजना है।
इस परियोजना से उत्तराखंड के साथ-साथ हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश को भी जल लाभ मिलने की योजना है। साथ ही यमुना नदी में बाढ़ नियंत्रण और नदी के पुनर्जीवन में भी परियोजना की भूमिका बताई गई है।

पहाड़ों के बीच बड़े पैमाने पर चल रहा निर्माण
मौके की तस्वीरों में पहाड़ों की बड़े स्तर पर कटिंग, निर्माण सामग्री के ढेर, सड़क निर्माण और भारी मशीनों के जरिए चल रहे कार्य दिखाई दे रहे हैं। नदी के दोनों ओर परियोजना से संबंधित निर्माण गतिविधियां जारी हैं। दुर्गम पहाड़ी भूगोल के बीच इतनी बड़ी परियोजना का निर्माण इंजीनियरिंग की दृष्टि से भी चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।
परियोजना की आधारशिला 30 दिसंबर 2021 को रखी गई थी और इसके शेष सिविल कार्यों का ठेका फरवरी 2023 में एलएंडटी को दिया गया था। वर्तमान में परियोजना के अलग-अलग हिस्सों में निर्माण गतिविधियां जारी हैं।
2031 तक पूरा करने का लक्ष्य
पहले परियोजना की पूर्णता को लेकर लंबी समयसीमा सामने आई थी, लेकिन जुलाई 2026 में मुख्य सचिव के निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को निर्माण में तेजी लाकर परियोजना को 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य दिया गया। इसके लिए अतिरिक्त मानव संसाधन और मशीनरी बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।
दून वैली टाइम्स की ग्राउंड तस्वीरें:
लखवाड़ में पहाड़ों के बीच बन रही इस महत्वाकांक्षी परियोजना की तस्वीरें बताती हैं कि यहां बड़े स्तर पर निर्माण गतिविधियां चल रही हैं। आने वाले वर्षों में परियोजना पूरी होने के बाद यह क्षेत्र उत्तराखंड की ऊर्जा, सिंचाई और जल आपूर्ति व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
