35 साल पुराने कांग्रेसी के दल-बदल से चुनावी माहौल में हलचल, आधे घंटे के घटनाक्रम की क्षेत्र में चर्चा
रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के खलियाण वार्ड में चुनाव से पहले एक दिलचस्प राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। कांग्रेस से करीब 35 वर्षों से जुड़े जिला पंचायत सदस्य एवं कांग्रेस के अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष घ्यालू लाल (ग्यालू लाल) के भाजपा में शामिल होने और महज 30 मिनट बाद फिर कांग्रेस में लौटने के घटनाक्रम ने स्थानीय राजनीति में चर्चाओं को तेज कर दिया है।
भाजपा में स्वागत, फिर कांग्रेस में वापसी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 12 अक्टूबर को चुनाव से ठीक पहले घ्यालू लाल के कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने की खबर सामने आई। इसके बाद भाजपा कार्यालय में उनका स्वागत किया गया। भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट ने उन्हें पार्टी का पटका पहनाकर स्वागत किया और संगठन के लिए काम करने की शुभकामनाएं दीं।
हालांकि, इस घटनाक्रम के कुछ ही समय बाद घ्यालू लाल के फिर से कांग्रेस में लौटने की खबर सामने आई। बताया गया कि भाजपा में शामिल होने के करीब आधे घंटे बाद ही उन्होंने कांग्रेस में वापसी कर ली। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम ने चुनावी माहौल में राजनीतिक चर्चाओं को नया विषय दे दिया।
‘35 साल से कांग्रेसी हूं’, घ्यालू लाल का बयान
मीडिया से बातचीत के दौरान घ्यालू लाल ने अपनी कांग्रेस से पुरानी निष्ठा का हवाला देते हुए कहा कि वह करीब 35 वर्षों से कांग्रेस से जुड़े हुए हैं। उनके अनुसार, परिवार में कुछ मनमुटाव के कारण यह स्थिति बनी थी, लेकिन वह कांग्रेस से जुड़े रहना चाहते हैं।
उनके बयान के अनुसार, भाजपा में जाने के पीछे चुनाव के दौरान वोटों के समीकरण से जुड़ा पहलू भी था। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की परिस्थितियों और संबंधित पक्षों के विस्तृत पक्ष की स्वतंत्र पुष्टि किया जाना बाकी है।
चुनावी समीकरण पर क्या पड़ेगा असर?
रुद्रप्रयाग के खलियाण वार्ड में सामने आए इस घटनाक्रम को लेकर स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चाएं हो रही हैं। चुनाव से ठीक पहले किसी नेता का एक पार्टी में शामिल होना और कुछ ही देर में पुरानी पार्टी में लौट जाना राजनीतिक रणनीति, व्यक्तिगत मतभेद और चुनावी समीकरणों को लेकर सवाल खड़े करता है।
अब देखना होगा कि इस घटनाक्रम का खलियाण वार्ड के चुनावी माहौल और मतदाताओं पर कितना असर पड़ता है। फिलहाल, घ्यालू लाल की आधे घंटे में हुई राजनीतिक वापसी क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
