देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जनपद देहरादून में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की प्रगति की जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सोमवार को समीक्षा की। कलेक्ट्रेट सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और निर्वाचन अधिकारियों के साथ बैठक में विधानसभा क्षेत्रवार स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज मतदाताओं के विवरण से जुड़े एनोमली (विसंगति) और नो-मैपिंग मामलों, मतदाताओं को जारी नोटिस, सुनवाई की स्थिति तथा प्राप्त दावों और आपत्तियों के निस्तारण की समीक्षा की गई।
प्रशासन के अनुसार, देहरादून जनपद की 10 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 11,90,805 मतदाता दर्ज हैं। इनमें 3,95,772 एनोमली तथा 1,52,170 नो-मैपिंग से संबंधित प्रकरण चिन्हित किए गए हैं। इन मामलों में जांच और सुनवाई की प्रक्रिया के दौरान 29,929 मतदाता अपात्र पाए गए हैं।
पात्र मतदाता का नाम प्रभावित न हो: डीएम
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एसआईआर के दौरान भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया और दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रकरण में उपलब्ध अभिलेखों और दस्तावेजों का समुचित सत्यापन करने के बाद ही नियमानुसार निर्णय लिया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान किसी भी पात्र मतदाता का नाम अनावश्यक रूप से प्रभावित नहीं होना चाहिए। साथ ही राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाए रखते हुए पारदर्शी एवं नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेन्द्र देवली सहित भाजपा के अरविंद जैन, सीपीआई (एम) के अनंत आकाश, कांग्रेस के सुनील जायसवाल, बसपा के सतेन्द्र सिंह एवं सतेन्द्र चोपड़ा तथा आम आदमी पार्टी के कमल राणा मौजूद रहे। जनपद के सभी संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) ऑनलाइन माध्यम से बैठक में जुड़े।
