यूपी-उत्तराखंड दोनों राज्यों में दर्ज 96,187 मतदाताओं का होगा सत्यापन, 3.95 लाख मामलों में सुनवाई पूरी
देहरादून। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम के तहत देहरादून जिले में मतदाता सूची के सत्यापन और पुनरीक्षण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। शुक्रवार को जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने ऋषिपर्णा सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ बैठक कर SIR की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों से पूरी प्रक्रिया में सहयोग करते हुए पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने की अपील की।
जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में अब तक 11,90,805 मतदाताओं की मैपिंग पूरी की जा चुकी है। वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज मतदाताओं के विवरण में विसंगतियां मिलने अथवा आवश्यक विवरण उपलब्ध नहीं कराए जाने के मामलों में 21 अगस्त तक बीएलओ के माध्यम से 5,47,617 लोगों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
इन नोटिसों के आधार पर अब तक 3,95,772 लोगों की सुनवाई पूरी हो चुकी है, जबकि 1,52,170 मामलों में सुनवाई की प्रक्रिया जारी है। प्रशासन का कहना है कि पुनरीक्षण प्रक्रिया में प्रत्येक पात्र मतदाता को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर दिया जा रहा है।
नाम जोड़ने के लिए 39 हजार से अधिक आवेदन
मतदाता सूची में नए नाम शामिल कराने के लिए भी बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिलाधिकारी के अनुसार 21 अगस्त तक प्रारूप-6 के तहत 39,025 नागरिकों ने आवेदन किया है। वहीं मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए प्रारूप-7 के तहत 10,235 दावे एवं आपत्तियां प्राप्त हुई हैं।
इसके अलावा मतदाता सूची में नाम, पता अथवा अन्य विवरण में संशोधन के लिए प्रारूप-8 के तहत 10,718 आवेदन प्राप्त हुए हैं। प्रशासन द्वारा इन सभी दावों और आपत्तियों का नियमानुसार परीक्षण किया जा रहा है।
प्रारूप-7 की आपत्तियों पर व्यक्तिगत नोटिस
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रारूप-7 के तहत प्राप्त प्रत्येक आपत्ति पर संबंधित बीएलओ द्वारा संबंधित व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से नोटिस तामील कराया जाएगा। नोटिस मिलने के सात दिन बाद सुनवाई शिविर आयोजित किया जाएगा।
बूथवार आयोजित होने वाले इन शिविरों में जिस मतदाता के विरुद्ध आपत्ति दर्ज की गई है, उसे अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर मिलेगा। साथ ही आपत्तिकर्ता को भी अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य दावों और आपत्तियों का निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से निस्तारण करना है।

यूपी और उत्तराखंड दोनों राज्यों में दर्ज 96,187 मतदाता
SIR के दौरान जिले में एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। 96,187 मतदाता ऐसे पाए गए हैं जिनके नाम उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड, दोनों राज्यों की मतदाता सूचियों में दर्ज हैं।
ऐसे मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा। बीएलओ घर-घर जाकर संबंधित मतदाताओं को इसकी जानकारी देंगे और उन्हें अपनी इच्छा के अनुसार एक राज्य की मतदाता सूची में रहने का विकल्प दिया जाएगा। मतदाता द्वारा स्वेच्छा से दिए गए विकल्प के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की कि जिन नागरिकों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं, उन्हें उनके बूथ लेवल एजेंट (BLA) के माध्यम से संबंधित बूथ तक पहुंचने में सहयोग किया जाए।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के सहयोग से दावे और आपत्तियों का निस्तारण अधिक प्रभावी, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से किया जा सकेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रारूप-7 में यदि कोई व्यक्ति मिथ्या घोषणा प्रस्तुत करता है तो उसके विरुद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत दंडनीय कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, संयुक्त मजिस्ट्रेट डॉ. हर्षिता, सिटी मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी, एसडीएम अपर्णा ढौंडियाल, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र प्रसाद देवली सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बैठक में भाजपा से अरविंद जैन, बसपा से सतेन्द्र सिंह, कांग्रेस से डॉ. जसविंदर सिंह, आम आदमी पार्टी से अशोक सेमवाल, कमल राणा सहित वर्चुअल माध्यम से विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारी एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी भी शामिल हुए।

