

देहरादून। उत्तराखंड के शिक्षा विभाग में वार्षिक स्थानान्तरण सत्र 2026–27 के तहत स्थानान्तरण प्रक्रिया तेज कर दी गई है। विभाग ने स्थानान्तरण की निर्धारित समय-सीमा में 55 दिनों की वृद्धि कर दी है, ताकि सभी स्थानान्तरण पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से पूरे किए जा सकें।
नई व्यवस्था के तहत सुगम क्षेत्रों में लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों को अब दुर्गम और अति-दुर्गम क्षेत्रों में स्थानांतरित किया जाएगा। शिक्षा विभाग का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी को दूर करना और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत शिक्षकों की सूची तैयार की जा रही है। स्थानान्तरण प्रक्रिया को निर्धारित नियमों और मानकों के अनुरूप पूरा किया जाएगा, जिससे सभी विद्यालयों में शिक्षकों का संतुलित वितरण सुनिश्चित हो सके।
शिक्षा विभाग का मानना है कि इस कदम से दुर्गम क्षेत्रों के विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ेगी और शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। समय-सीमा बढ़ाए जाने से संबंधित अधिकारियों को भी स्थानान्तरण प्रक्रिया को सुचारु रूप से पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।



