बद्रीनाथ धाम चढ़ावा विवाद गहराया: 40 दिन की CCTV जांच के बीच BKTC के 20-25 लैपटॉप गायब, रिकॉर्ड तक नहीं मिला

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देहरादून/बद्रीनाथ। भू-बैकुंठ बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा और दान की कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। चढ़ावे की जांच के बीच बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के करीब 20 से 25 लैपटॉप गायब होने का मामला भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि पिछले 10 से 12 वर्षों में विभिन्न बैंकों द्वारा कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत समिति को उपलब्ध कराए गए इन लैपटॉप का न तो स्पष्ट रिकॉर्ड मिल रहा है और न ही स्टॉक रजिस्टर में उनका उल्लेख है।

सूत्रों के अनुसार, समिति से जुड़े कुछ लोग इन लैपटॉप को अपने साथ ले गए, जबकि BKTC का कहना है कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।

CSR फंड से मिले थे लैपटॉप

जानकारी के मुताबिक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), कैनरा बैंक सहित अन्य बैंकों ने कार्यालयी कार्यों के लिए समिति को लैपटॉप उपलब्ध कराए थे। अब इनकी उपलब्धता और उपयोग से जुड़े दस्तावेज नहीं मिलने से सवाल खड़े हो रहे हैं।

CCTV वीडियो से शुरू हुआ विवाद

पूरा मामला 2 जुलाई को सामने आए एक कथित CCTV वीडियो के बाद गरमाया, जिसमें मंदिर के चढ़ावे की गणना और प्रबंधन में कथित गड़बड़ी के आरोप लगाए गए। इसके बाद सामाजिक संगठन भैरव सेना ने भी मंदिर समिति को लिखित शिकायत सौंपते हुए जांच की मांग की।

चार सदस्यीय जांच समिति गठित

शिकायत के बाद BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की संस्तुति पर चार सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया गया। समिति में विधि अधिकारी, वित्त नियंत्रक, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी (केदारनाथ) शामिल हैं। समिति को सात दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

9 जुलाई से मौके पर शुरू होगी जांच

हालांकि समिति के गठन के तीन दिन बाद तक जांच दल बद्रीनाथ नहीं पहुंच सका। अब जांच टीम 9 जुलाई से बद्रीनाथ पहुंचकर मौके पर जांच शुरू करेगी। इससे पहले ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप कार्यालय में दो घंटे तक चली बैठक में जांच की रूपरेखा तैयार की गई।

40 दिन की CCTV फुटेज होगी खंगाली

जांच समिति केवल 2 जुलाई की घटना तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पिछले करीब 40 दिनों की CCTV फुटेज की भी जांच करेगी। मंदिर परिसर में लगे 32 CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगालकर यह पता लगाया जाएगा कि कथित अनियमितता पहली बार हुई या पहले भी ऐसी घटनाएं होती रही हैं।

सेवानिवृत्ति के बाद नहीं हुई नई नियुक्ति

दान-चढ़ावे की गणना की जिम्मेदारी संभाल रहे दो अधिकारी 30 जून को सेवानिवृत्त हो गए थे। उनकी जगह तत्काल नई नियुक्ति नहीं होने से चढ़ावे की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।

कर्मचारियों से मांगा गया स्पष्टीकरण

मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि 2 जुलाई को चढ़ावे की गणना में शामिल सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया था। जवाब देने की अंतिम तिथि 6 जुलाई थी, जिसके बाद प्राप्त जवाबों की जांच की जा रही है।

आरोपी कर्मचारी की जिम्मेदारियां बदली गईं

BKTC के अनुसार, चढ़ावे की गणना और प्रोटोकॉल का कार्य देख रहे कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को पहले ही संबंधित जिम्मेदारियों से हटाकर देहरादून स्थित समिति कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है, ताकि जांच निष्पक्ष तरीके से हो सके।

SIT जांच की मांग

भैरव सेना ने विभागीय जांच पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में विशेष जांच दल (SIT) से कराने की मांग की है।

शासन ने भी मांगी रिपोर्ट

मामले का संज्ञान लेते हुए धर्मस्व विभाग ने भी BKTC से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। सचिव पर्यटन एवं धर्मस्व धीराज गर्ब्याल ने चढ़ावे की गणना, निगरानी व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन से जुड़ी पूरी जानकारी मांगी है।

दोषी पाए जाने पर होगी सख्त कार्रवाई

BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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