दून वैली टाइम्स | अल्मोड़ा | 2 अगस्त
सोमेश्वर क्षेत्र के बजेली गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली पुलिया पिछले लगभग तीन वर्षों से क्षतिग्रस्त पड़ी है। पुलिया का पुनर्निर्माण नहीं होने के कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा के आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब उफनती नदी को पार करना ग्रामीणों की मजबूरी बन जाती है।
सबसे अधिक चिंता का विषय यह है कि गांव के स्कूली बच्चों को अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार कर विद्यालय जाना पड़ रहा है। कई बार बच्चे तैरकर या पानी के तेज बहाव के बीच किसी तरह नदी पार करते हैं। ऐसे दृश्य न केवल व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हैं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा करते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया क्षतिग्रस्त होने के बाद से कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बरसात के दिनों में गांव का संपर्क कई बार पूरी तरह बाधित हो जाता है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई, किसानों की आजीविका और मरीजों के इलाज पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है।
गांव के बुजुर्गों, महिलाओं और मरीजों को अस्पताल या बाजार जाने के लिए जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है। वहीं किसान अपनी उपज को बाजार तक नहीं पहुंचा पाते, जिससे आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि जल्द पुलिया का पुनर्निर्माण नहीं कराया गया तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने स्थानीय विधायक एवं उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या से मांग की है कि इस गंभीर समस्या का तत्काल संज्ञान लेकर पुलिया के पुनर्निर्माण के लिए आवश्यक कार्रवाई कराई जाए, ताकि ग्रामीणों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि उनकी वर्षों पुरानी समस्या का शीघ्र समाधान होगा और गांव के बच्चों सहित सभी लोगों को राहत मिलेगी।
जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने को मजबूर हैं ‘देश का भविष्य’
