देहरादून | दून वैली टाइम्स

उत्तराखंड कैडर की 2013 बैच की आईएएस अधिकारी वंदना सिंह को केंद्र सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। केंद्र सरकार के आदेश पर उन्हें दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) में कमिश्नर (लैंड मैनेजमेंट) नियुक्त किया गया है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह नियुक्ति सेंट्रल स्टाफिंग स्कीम के तहत की गई है। उनका कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तिथि से चार वर्ष अथवा अगले आदेश तक रहेगा।
पहले ही प्रयास में हासिल की थी UPSC में ऑल इंडिया 8वीं रैंक
आईएएस वंदना सिंह की सफलता की कहानी लाखों युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने मात्र 24 वर्ष की आयु में अपने पहले ही प्रयास में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा पास कर ऑल इंडिया 8वीं रैंक प्राप्त की थी।
हरियाणा के नसरुल्लागढ़ गांव की रहने वाली वंदना सिंह ने सीमित संसाधनों और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद अपने सपनों को साकार किया। उनकी प्रारंभिक शिक्षा मुरादाबाद गुरुकुल में हुई, जबकि उच्च शिक्षा के लिए उन्हें घर से दूर रहकर पढ़ाई करनी पड़ी।
उत्तराखंड में कई अहम जिलों की संभाली जिम्मेदारी
उत्तराखंड में अपने प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान वंदना सिंह रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा और नैनीताल जैसे महत्वपूर्ण जिलों में जिलाधिकारी (DM) के रूप में सेवाएं दे चुकी हैं। उन्होंने विकास कार्यों, जनकल्याण योजनाओं और प्रशासनिक सुधारों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
हल्द्वानी हिंसा के दौरान रही थीं चर्चा में
नैनीताल जिले के हल्द्वानी हिंसा के दौरान वंदना सिंह के प्रशासनिक नेतृत्व की व्यापक चर्चा हुई थी। चुनौतीपूर्ण हालात में उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने और स्थिति को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनकी कार्यशैली की राज्य ही नहीं, राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना हुई थी।
केंद्र सरकार में निभाएंगी अहम भूमिका
केंद्र सरकार के आदेश के तहत अब वंदना सिंह दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) में भूमि प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगी। यह नियुक्ति उनके प्रशासनिक अनुभव, कार्यकुशलता और उत्कृष्ट सेवा रिकॉर्ड को देखते हुए की गई है। माना जा रहा है कि उनके अनुभव और निर्णय क्षमता का लाभ अब केंद्र सरकार और दिल्ली विकास प्राधिकरण को मिलेगा।
उत्तराखंड के लिए भी यह गौरव का विषय माना जा रहा है कि राज्य कैडर की एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को केंद्र में इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।




