दस्तावेज सत्यापन में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर, बागेश्वर के दो और कपकोट के दो शिक्षक जांच में दोषी
बागेश्वर। प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक बनने के लिए लगाए गए यूटीईटी प्रमाणपत्रों के सत्यापन में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद, रामनगर के मूल अभिलेखों से मिलान के दौरान चार और शिक्षकों के यूटीईटी प्रमाणपत्र कूटरचित पाए गए हैं। इनमें बागेश्वर विकासखंड के दो और कपकोट विकासखंड के दो शिक्षक शामिल हैं।
इन चार नए मामलों के सामने आने के बाद जिले में कूटरचित यूटीईटी प्रमाणपत्र के आधार पर शिक्षक बने लोगों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। इनमें सात शिक्षक कपकोट और दो बागेश्वर विकासखंड से संबंधित हैं।
मूल अभिलेखों से खुली फर्जीवाड़े की पोल
उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी की ओर से संबंधित उप शिक्षा अधिकारियों को भेजे गए सत्यापन पत्रों में प्रमाणपत्रों में गड़बड़ी की पुष्टि हुई। परिषद ने शिक्षकों के प्रमाणपत्र-सह-अंकपत्रों का अपनी मूल सारणियन पंजिका से मिलान किया। जांच में कई प्रमाणपत्रों पर दर्ज अंक और अन्य विवरण मूल अभिलेखों से अलग मिले। कुछ मामलों में प्रमाणपत्र पर दर्ज अनुक्रमांक तक परिषद के रिकॉर्ड में मौजूद नहीं था।
पंकज कुमार का अनुक्रमांक रिकॉर्ड में नहीं
बागेश्वर विकासखंड के शिक्षक पंकज कुमार के यूटीईटी प्रथम-2024 प्रमाणपत्र की जांच में प्रमाणपत्र पर दर्ज अनुक्रमांक और संबंधित विवरण परिषद की मूल सारणियन पंजिका में नहीं मिले। परिषद के अनुसार संबंधित अनुक्रमांक उसकी ओर से जारी ही नहीं किया गया था। प्रमाणपत्र को पूर्णतया कूटरचित माना गया।
नेहा के प्रमाणपत्र में अंकों का अंतर
बागेश्वर विकासखंड की नेहा के प्रमाणपत्र में भी मूल रिकॉर्ड से अलग अंक दर्ज मिले। परिषद की मूल पंजिका में पांच विषयों में उनके अंक 11, 09, 13, 10 और 10 दर्ज हैं, जबकि प्रस्तुत प्रमाणपत्र में अलग अंक पाए गए। परिषद ने इसे भी कूटरचित प्रमाणपत्र माना।
चंद्रप्रकाश के अंकों में भी हेरफेर
कपकोट विकासखंड के चंद्रप्रकाश आर्य के प्रमाणपत्र में भी गड़बड़ी सामने आई। परिषद की मूल सारणियन पंजिका के अनुसार उनके कुल अंक 61/150 थे, जबकि प्रस्तुत अंकपत्र में अलग अंक दर्ज किए गए थे।
प्रियंका का प्रमाणपत्र भी फर्जी
कपकोट विकासखंड की प्रियंका के यूटीईटी प्रमाणपत्र का सत्यापन भी मूल अभिलेखों से नहीं हुआ। परिषद ने जांच के बाद प्रमाणपत्र को कूटरचित माना है।
नोटिस और सुनवाई के बाद होगी कार्रवाई
जिला शिक्षा अधिकारी आसाराम चौधरी के अनुसार जिले में अब तक नौ शिक्षकों के यूटीईटी प्रमाणपत्र कूटरचित पाए गए हैं। सभी संबंधित शिक्षकों को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जा रहा है। दो मामलों में सुनवाई भी पूरी हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि नोटिस और सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियमानुसार संबंधित शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त किया जाएगा। फिलहाल सभी मामले नोटिस अवधि में हैं।
