यमुना से कथित अवैध खनन का खेल!

ढकरानी में नदी से निकल रहा उपखनिज, दो भंडारण स्थलों तक पहुंच रहा माल; खनन विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल

दून वैली टाइम्स | विकासनगर

विकासनगर के ढकरानी क्षेत्र में यमुना नदी से कथित रूप से हो रहे अवैध उपखनिज खनन को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि नदी के बीच ट्रैक्टरों के माध्यम से लगातार उपखनिज निकाला जा रहा है और उसे ढकरानी पावर हाउस के समीप स्थित दो अलग-अलग भंडारण स्थलों तक पहुंचाया जा रहा है। यदि यह दावा सही है तो मामला केवल अवैध खनन तक सीमित नहीं, बल्कि उपखनिज के परिवहन और भंडारण व्यवस्था की भी निष्पक्ष जांच की मांग करता है।

सूत्रों के अनुसार नदी में ट्रैक्टरों की आवाजाही लगातार बनी हुई है। साथ ही ट्रकों के आवागमन के लिए बनाई गई लीक (रास्ते) को भी कई स्थानों पर खोदकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। इससे नदी क्षेत्र की भौगोलिक संरचना और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है।

भंडारण स्थलों की भी हो जांच

जानकारों का कहना है कि यदि यमुना से निकाला गया उपखनिज वास्तव में दो भंडारण स्थलों तक पहुंच रहा है, तो खनन विभाग को केवल नदी में चल रहे वाहनों की जांच तक सीमित नहीं रहना चाहिए। दोनों भंडारण स्थलों पर मौजूद स्टॉक, उसके स्रोत, ई-रवन्ना, रॉयल्टी अभिलेख, परिवहन दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड की भी गहन जांच की जानी चाहिए। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि भंडारित उपखनिज पूरी तरह वैध स्रोत से आया है या नहीं।

परिवहन और भंडारण पर भी उठ रहे सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नदी से खुलेआम उपखनिज निकाला जा रहा है और उसे भंडारण स्थलों तक पहुंचाया जा रहा है तो संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो केवल खनन करने वालों पर ही नहीं, बल्कि अवैध परिवहन और भंडारण में शामिल संबंधित पक्षों की जिम्मेदारी भी तय की जानी चाहिए।

पर्यावरण पर भी पड़ सकता है असर

विशेषज्ञों के अनुसार अनियंत्रित या नियमों के विपरीत नदी से उपखनिज निकासी होने पर नदी के प्राकृतिक प्रवाह, तटों की स्थिरता और आसपास के पर्यावरण पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे मामलों में समयबद्ध और निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

अब विभाग की कार्रवाई पर निगाहें

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या खनन विभाग और प्रशासन ढकरानी में नदी से लेकर कथित भंडारण स्थलों तक पूरे मामले की व्यापक जांच करेगा, या फिर यह मामला भी कागजी कार्रवाई तक ही सीमित रहेगा? क्षेत्र के लोग इस प्रकरण में पारदर्शी जांच और प्रभावी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

(नोट : यह समाचार स्थानीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी एवं लगाए जा रहे आरोपों पर आधारित है। संबंधित विभागों अथवा पक्ष का आधिकारिक पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)

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