केंद्र सरकार का फैसला, अब राशन विक्रेताओं को मिलेगा ₹195 प्रति कुंतल लाभांश; 9 हजार से अधिक डीलरों को होगा फायदा
देहरादून | Doon Valley Times
उत्तराखंड के हजारों सरकारी राशन विक्रेताओं (फेयर प्राइस शॉप संचालकों) के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार ने पर्वतीय राज्यों के राशन डीलरों को दिए जाने वाले लाभांश (मार्जिन) में 15 रुपये प्रति कुंतल की बढ़ोतरी कर दी है। अब प्रदेश के राशन डीलरों को प्रत्येक कुंतल खाद्यान्न वितरण पर 180 रुपये के स्थान पर 195 रुपये लाभांश मिलेगा। इस निर्णय से राज्य के 9 हजार से अधिक राशन विक्रेताओं को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
केंद्रीय खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्रालय ने इस संबंध में संशोधित आदेश जारी कर दिए हैं। मंत्रालय के अवर सचिव सौरभ ओमर द्वारा राज्य सरकार को भेजे गए पत्र के अनुसार पर्वतीय राज्यों के राशन डीलरों का लाभांश 180 रुपये से बढ़ाकर 195 रुपये प्रति कुंतल कर दिया गया है। राज्य खाद्य विभाग के संयुक्त आयुक्त पी.एस. पांगती ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि संशोधित दरें 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी।
खाद्य विभाग के अनुसार मई 2026 तक का भुगतान पुरानी दर यानी 180 रुपये प्रति कुंतल के हिसाब से किया जा चुका है। अब नई दरों के अनुरूप आगे की भुगतान प्रक्रिया पूरी की जाएगी और पात्र राशन विक्रेताओं को इसका लाभ मिलेगा।
प्रदेश के राशन डीलर लंबे समय से लाभांश बढ़ाने की मांग कर रहे थे। वर्तमान में राशन विक्रेता अंत्योदय अन्न योजना और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत लाभार्थियों तक गेहूं और चावल पहुंचाने का कार्य करते हैं। इसी सेवा के बदले सरकार उन्हें प्रति कुंतल खाद्यान्न वितरण पर लाभांश देती है। अब इसमें 15 रुपये की वृद्धि होने से उनकी आय में बढ़ोतरी होगी।
उत्तराखंड में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत करीब 1.83 लाख अंत्योदय परिवार और 11 लाख से अधिक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के प्राथमिक परिवारों को हर महीने राशन उपलब्ध कराया जाता है। इन लाभार्थियों तक प्रतिमाह लगभग 1,27,120 कुंतल गेहूं और 2,07,410 कुंतल चावल वितरित किया जाता है। ऐसे में लाभांश बढ़ने से राशन वितरण व्यवस्था से जुड़े हजारों डीलरों को आर्थिक राहत मिलेगी।
खाद्य एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे प्रदेश के राशन डीलरों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भी इस विषय को केंद्र के समक्ष प्रमुखता से उठाया था। साथ ही राशन डीलरों की अन्य लंबित मांगों पर भी सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है और उनका चरणबद्ध समाधान किया जाएगा।



