देहरादून। उत्तराखण्ड के लोकपर्व हरेला का उत्सव बुधवार को लोक भवन में श्रद्धा, उल्लास और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता के भाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान राजप्रज्ञेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की गई। इसके बाद लोक भवन परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरित उत्तराखण्ड के निर्माण का संकल्प लिया गया।
इस अवसर पर कहा गया कि वर्तमान समय में पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में उत्तराखण्ड का पारंपरिक लोकपर्व हरेला केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाला पर्व है। सभी नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनका संरक्षण करने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरित और समृद्ध उत्तराखण्ड एवं भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया गया।

हरेला पर्व उत्तराखण्ड की समृद्ध लोक संस्कृति का प्रतीक है, जो प्रकृति, खेती-बाड़ी और पर्यावरण के प्रति लोगों की आस्था और जुड़ाव को दर्शाता है। राज्यभर में इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर पौधरोपण, सांस्कृतिक कार्यक्रम और जनजागरूकता अभियान भी आयोजित किए गए।



