बायला–पिंगवा मोटर मार्ग की बदहाल हालत पर भड़के जिला पंचायत सदस्य, PMGSY को दिया 15 दिन का अल्टीमेटम

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जौनसार-बावर क्षेत्र, तहसील चकराता के बायला–पिंगवा मोटर मार्ग की जर्जर स्थिति को लेकर जिला पंचायत सदस्य प्रवीन रावत “प्रिंस” ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अधिशासी अभियंता, कालसी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने सड़क की खराब गुणवत्ता, विभागीय लापरवाही और निर्माण कार्य में संभावित अनियमितताओं पर सवाल उठाते हुए 15 दिनों के भीतर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने पर जन आंदोलन की चेतावनी दी है।

ज्ञापन में कहा गया है कि PMGSY द्वारा निर्मित पिंगवा–बायला मोटर मार्ग आज क्षेत्रवासियों के लिए परेशानी का कारण बन चुका है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे, उखड़ी हुई डामर की परत और जलभराव के कारण रोजाना दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। इस मार्ग से स्कूली बच्चे, बुजुर्ग, किसान, गर्भवती महिलाएं और अन्य ग्रामीण प्रतिदिन आवाजाही करते हैं, लेकिन खराब सड़क के कारण उन्हें जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है।

प्रवीन रावत ने कहा कि यदि सड़क का निर्माण निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप किया गया था, तो इतनी कम अवधि में इसकी ऐसी स्थिति कैसे हो गई? उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि कहीं भी अनियमितता हुई है तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई, इसकी जानकारी भी सार्वजनिक की जानी चाहिए।

ज्ञापन में रखी गई प्रमुख मांगें

  • बायला–पिंगवा मोटर मार्ग की तत्काल मरम्मत और पुनर्स्थापन का कार्य शुरू किया जाए।
  • सड़क की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए तथा गुणवत्ता में कमी मिलने पर संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
  • सड़क के निर्माण, रखरखाव और मरम्मत पर अब तक स्वीकृत बजट तथा उसके उपयोग का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए।

जिला पंचायत सदस्य ने स्पष्ट किया कि यदि ज्ञापन प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर प्रभावी कार्रवाई शुरू नहीं होती है, तो क्षेत्र की जनता के साथ लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।

क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क की हालत लगातार खराब होती जा रही है, लेकिन विभाग द्वारा स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। बरसात के मौसम में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है, जिससे लोगों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

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