23.84 करोड़ रुपये आयकर चुकाकर ऋषभ पंत फिर बने उत्तराखंड के नंबर-1 व्यक्तिगत करदाता

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167वें आयकर दिवस पर हुआ सम्मान, लगातार दूसरे वर्ष सबसे बड़े व्यक्तिगत टैक्सपेयर का गौरव बरकरार

देहरादून। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने एक बार फिर मैदान के बाहर भी अपनी जिम्मेदारी का परिचय देते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 23.84 करोड़ रुपये आयकर जमा कर उत्तराखंड के सबसे बड़े व्यक्तिगत आयकरदाता बनने का गौरव लगातार दूसरे वर्ष हासिल किया है। पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में इस बार उन्होंने दोगुने से भी अधिक आयकर का भुगतान किया है। इससे पहले उन्होंने करीब 10.50 करोड़ रुपये अग्रिम आयकर जमा कर प्रदेश में व्यक्तिगत करदाताओं की सूची में पहला स्थान प्राप्त किया था।

यह जानकारी शुक्रवार को देहरादून स्थित ओएनजीसी सभागार में आयोजित 167वें आयकर दिवस समारोह के दौरान साझा की गई। इस अवसर पर उत्तराखंड के प्रमुख कॉरपोरेट और नॉन-कॉरपोरेट करदाताओं को सम्मानित किया गया। नॉन-कॉरपोरेट श्रेणी में 23.84 करोड़ रुपये आयकर के साथ ऋषभ पंत चौथे स्थान पर रहे, जबकि व्यक्तिगत करदाताओं में उन्होंने लगातार दूसरे वर्ष पहला स्थान बरकरार रखा।

रुड़की से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक का सफर

हरिद्वार जिले के रुड़की में जन्मे ऋषभ पंत का उत्तराखंड से गहरा जुड़ाव रहा है। क्रिकेट के शुरुआती दिनों में बेहतर प्रशिक्षण के लिए उन्हें रुड़की से दिल्ली तक नियमित सफर करना पड़ता था। घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्होंने भारतीय टीम में जगह बनाई और अपनी आक्रामक बल्लेबाजी तथा बेहतरीन विकेटकीपिंग के दम पर टेस्ट, वनडे और टी-20 क्रिकेट में विश्वस्तरीय पहचान बनाई। कठिन परिस्थितियों में मैच का रुख बदलने की उनकी क्षमता उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल करती है।

इन स्रोतों से होती है आय

ऋषभ पंत की आय के प्रमुख स्रोतों में बीसीसीआई का केंद्रीय अनुबंध, अंतरराष्ट्रीय और घरेलू मैच फीस, आईपीएल अनुबंध, प्रदर्शन बोनस तथा विभिन्न कंपनियों के साथ ब्रांड एंडोर्समेंट शामिल हैं। भारतीय क्रिकेट के लोकप्रिय चेहरों में शामिल होने के कारण उन्हें विज्ञापनों और ब्रांड प्रमोशन से भी बड़ी आय प्राप्त होती है। हालांकि उनकी कुल वार्षिक आय का आधिकारिक आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया गया है।

ओएनजीसी बना प्रदेश का सबसे बड़ा करदाता

समारोह में बताया गया कि कॉरपोरेट श्रेणी में सार्वजनिक क्षेत्र की महारत्न कंपनी ओएनजीसी ने 13,564 करोड़ रुपये आयकर जमा कर उत्तराखंड का सबसे बड़ा करदाता बनने का गौरव हासिल किया। इसके बाद टीएचडीसी (277 करोड़ रुपये), यूजेवीएनएल (123 करोड़ रुपये), इंडिया ओप्टेल (99 करोड़ रुपये) और पिटकुल (54 करोड़ रुपये) का स्थान रहा।

नॉन-कॉरपोरेट श्रेणी के शीर्ष करदाता

नॉन-कॉरपोरेट श्रेणी में सिग्नेचर फाइटोकेमिकल्स इंडस्ट्रीज ने 54 करोड़ रुपये आयकर के साथ पहला, कैलाश रिवर बेड मिनरल ने 40.74 करोड़ रुपये के साथ दूसरा और उत्तरांचल ग्रामीण बैंक ने 28.95 करोड़ रुपये के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया। ऋषभ पंत 23.84 करोड़ रुपये आयकर के साथ चौथे तथा एएलएफ इंजीनियरिंग कंपनी 23.44 करोड़ रुपये के साथ पांचवें स्थान पर रही।

ईमानदार करदाता देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ : अपर्णा करण

समारोह का शुभारंभ प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त अपर्णा करण ने किया। उन्होंने कहा कि ईमानदारी से कर चुकाने वाले नागरिक देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके योगदान से आधारभूत ढांचा, विकास योजनाएं तथा जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को मजबूती मिलती है।

इस अवसर पर प्रधान आयकर आयुक्त सुनीता सिंह ने करदाताओं और आयकर विभाग के बीच विश्वास एवं सहयोग को और मजबूत बनाने पर बल दिया। मुख्य आयकर आयुक्त डॉ. रेनुका जैन गुप्ता और शेफाली स्वरूप ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत विभागीय कर्मचारियों ने ‘नोटिस पीरियड’ नाटक का मंचन किया, जबकि चित्रकला एवं कहानी लेखन प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में आयकर आयुक्त (अपील) एस.के. चटर्जी ने सभी का आभार व्यक्त किया।

— दून वैली टाइम्स

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