अभिजीत दीपके की बहन ने राष्ट्रपति से लगाई सुरक्षा की गुहार, बोलीं- ‘भाई की जान को खतरा’

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नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके की तबीयत बिगड़ने के बाद उनकी बहन ने राष्ट्रपति से उनके लिए सुरक्षा की मांग की है। अभिजीत दीपके 20 जून से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से बताया कि उन्हें टाइफाइड हो गया है।

अभिजीत दीपके की बहन स्नेहा वंजारे ने बीड के जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर महाराष्ट्र पुलिस से विशेष सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने ज्ञापन में कहा कि जंतर-मंतर पर आंदोलन के दौरान बने तनावपूर्ण माहौल और कथित लाठीचार्ज को देखते हुए उनके भाई की जान को खतरा है। उनका कहना है कि उन्हें दिल्ली पुलिस पर भरोसा नहीं है, इसलिए महाराष्ट्र पुलिस की सुरक्षा दी जानी चाहिए।

स्नेहा वंजारे ने यह भी दावा किया कि पिछले कई दिनों से परिवार का अभिजीत दीपके से संपर्क नहीं हो पा रहा है, जिससे उनकी चिंता लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि अभिजीत की तबीयत भी लगातार खराब हो रही है।

इधर, जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन के बीच सीजेपी प्रतिनिधिमंडल और केंद्र सरकार के बीच वार्ता भी हुई है। पार्टी का दावा है कि उनकी तीन प्रमुख मांगों में से दो पर सरकार सहमत हो गई है, लेकिन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग अब तक स्वीकार नहीं की गई है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि जब तक इस्तीफा नहीं दिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।

वहीं, दिल्ली पुलिस के अनुसार प्रदर्शन के दौरान 130 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और मामले में 15 एफआईआर दर्ज की गई हैं। दूसरी ओर, आंदोलनकारियों का कहना है कि करीब 80 प्रदर्शनकारी भी घायल हुए हैं।

इस बीच केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के 47 अधिकारियों को बर्खास्त करने की जानकारी दी है। साथ ही, सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और नकल रोकने के लिए कानून को और सख्त बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं। प्रस्तावित संशोधनों के तहत संगठित तरीके से पेपर लीक कराने वालों के खिलाफ अधिकतम 10 वर्ष की जेल और ₹10 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

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