विकासनगर (देहरादून): विकासखंड विकासनगर के ग्राम प्रधानों ने वीबीजीआरजी (VBGRG) से जुड़े प्रावधानों का विरोध करते हुए शासन के नाम एक ज्ञापन खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) विकासनगर के माध्यम से सौंपा। प्रधान संगठन विकासनगर के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया तो ग्राम प्रधान कार्य बहिष्कार करने को मजबूर होंगे।


ज्ञापन में ग्राम प्रधानों का कहना है कि वीबीजीआरजी के अंतर्गत कराए जा रहे कार्यों में ऐसी कई शर्तें लागू कर दी गई हैं, जिनके कारण ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को संचालित करने में गंभीर व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इससे ग्राम पंचायतों के नियमित विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
प्रधान संगठन ने ज्ञापन में प्रमुख मांगें रखते हुए कहा कि 5 लाख रुपये तक के कार्यों की भुगतान व्यवस्था ऑफलाइन मोड में की जाए। साथ ही बताया कि अधिकतर विकास कार्य गांवों की परिस्थितियों के अनुसार किए जाते हैं, जबकि अधिकांश ग्राम पंचायतों में पर्याप्त कनेक्टिविटी उपलब्ध नहीं रहती। ऐसे में ऑनलाइन प्रक्रिया के कारण कार्यों में अनावश्यक बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं।
प्रधानों ने यह भी मांग की कि फेस मैपिंग (फेस ऑथेंटिकेशन) जैसी अनिवार्यता समाप्त की जाए, क्योंकि इसके माध्यम से श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज कराने में ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक तकनीकी समस्याएं सामने आ रही हैं।
प्रधान संगठन का कहना है कि यदि शासन उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेता है तो विकासखंड के ग्राम प्रधान सामूहिक रूप से कार्य बहिष्कार करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
इस संबंध में ग्राम प्रधानों ने विकासनगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान से भी मुलाकात कर उन्हें अपनी समस्याओं और मांगों से अवगत कराया। उन्होंने विधायक से आग्रह किया कि वे शासन स्तर पर हस्तक्षेप कर ग्राम प्रधानों की मांगों पर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित कराएं, ताकि पंचायतों में विकास कार्य बिना किसी बाधा के जारी रह सकें।
इस दौरान बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान एवं प्रधान संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे और उन्होंने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।




