देहरादून। उत्तराखंड के सबसे बड़े सरकारी चिकित्सा संस्थानों में शामिल दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक नर्सिंग अधिकारी पर महिला एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टर को कथित रूप से अशोभनीय संदेश भेजने और लगातार फोन कर परेशान करने का आरोप लगा है। मामले की लिखित शिकायत मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन ने दो सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है। साथ ही संबंधित नर्सिंग अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर दो दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं।
वार्ड ड्यूटी के दौरान मिला मोबाइल नंबर
शिकायत के अनुसार, महिला इंटर्न डॉक्टर मेडिसिन विभाग में इंटर्नशिप कर रही थीं। आरोप है कि इसी दौरान विभाग में तैनात नर्सिंग अधिकारी ने वार्ड ड्यूटी के समय उनका मोबाइल नंबर प्राप्त किया। इसके बाद वह लगातार फोन करने लगा और कथित रूप से अश्लील व अमर्यादित संदेश भेजकर उन्हें परेशान करता रहा।
पीड़िता का कहना है कि आरोपी का व्यवहार पूरी तरह गैर-पेशेवर था, जिससे उन्हें मानसिक असहजता का सामना करना पड़ा और कार्यस्थल का माहौल भी प्रभावित हुआ।
27 जुलाई को दी लिखित शिकायत
लगातार कथित उत्पीड़न से परेशान होकर महिला इंटर्न डॉक्टर ने 27 जुलाई को अस्पताल प्रशासन को लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत में पूरे घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए संबंधित नर्सिंग अधिकारी के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की मांग की गई है।
दो सदस्यीय जांच समिति गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने निष्पक्ष जांच के लिए मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. विवेकानंद सत्यवली और एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सोनिया सिंह की दो सदस्यीय समिति बनाई है। समिति सभी पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अपनी रिपोर्ट अस्पताल प्रशासन को सौंपेगी।
आरोपी को नोटिस जारी
मेडिसिन विभाग की ओर से संबंधित नर्सिंग अधिकारी को शो-कॉज नोटिस जारी करते हुए दो दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। अस्पताल प्रशासन ने कहा है कि यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी विवादों में रहा दून अस्पताल
गौरतलब है कि 19 जुलाई को दून अस्पताल की गायनी इमरजेंसी में मरीज के परिजनों और अस्पताल के सुरक्षा कर्मियों व नर्सिंग स्टाफ के बीच विवाद हुआ था। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने पुलिस से कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।
(नोट: यह मामला फिलहाल जांच के अधीन है। आरोपों की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।)
— दून वैली टाइम्स
