मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में गड़बड़ियों का आरोप, कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सौंपा ज्ञापन

दून वैली टाइम्स | देहरादून

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) उत्तराखंड से शिष्टाचार भेंट कर विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया में सामने आ रही अनियमितताओं को लेकर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस नेताओं ने प्रथम चरण में हुई त्रुटियों और द्वितीय चरण में दावों एवं आपत्तियों की सुनवाई के लिए अपनाई जा रही प्रक्रिया को अव्यावहारिक, अपारदर्शी एवं पक्षपातपूर्ण बताते हुए तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को अवगत कराया कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल होना आवश्यक है। इसके साथ ही पूरी निर्वाचन प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और प्रत्येक मतदाता के लिए समान रूप से सुगम होनी चाहिए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता के अधिकारों का हनन न हो।

ज्ञापन में कांग्रेस ने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के प्रथम चरण में कई गंभीर त्रुटियां और विसंगतियां सामने आई हैं। इनका समाधान किए बिना द्वितीय चरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाना मतदाताओं के अधिकारों को प्रभावित करेगा तथा निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न खड़े करेगा।

कांग्रेस नेताओं ने ज्ञापन के माध्यम से कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। इनमें प्रथम चरण की सभी शिकायतों और त्रुटियों का निस्तारण करने के बाद ही द्वितीय चरण की प्रक्रिया संचालित करने, प्रत्येक मतदान केंद्र के लिए अलग-अलग एईआरओ/ईआरओ अथवा सक्षम अधिकारी की नियुक्ति सुनिश्चित करने, पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सुनवाई की तिथि एवं समय का पुनर्निर्धारण करने, सभी राजनीतिक दलों और मतदाताओं को समान अवसर प्रदान करते हुए निष्पक्ष एवं पारदर्शी सुनवाई सुनिश्चित करने तथा एसआईआर प्रक्रिया में तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों को समुचित प्रशिक्षण देकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग प्रमुख रूप से शामिल रही।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि कई स्थानों पर एक ही अधिकारी को एक ही समय में दो अलग-अलग मतदान केंद्रों पर सुनवाई की जिम्मेदारी दी गई है, जो व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है। पर्वतीय क्षेत्रों में लंबी दूरी, सीमित परिवहन सुविधाओं और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण इससे मतदाताओं को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण की मैपिंग प्रक्रिया में अनेक तकनीकी विसंगतियां सामने आई हैं। ज्ञापन में चकराता विधानसभा क्षेत्र के कुछ मतदान केंद्रों का उदाहरण देते हुए मतदाताओं और आपत्तियों के आंकड़ों में असंगतियां होने का उल्लेख किया गया है। साथ ही ग्रामीण एवं पर्वतीय क्षेत्रों के स्थानीय और स्थायी निवासियों के विरुद्ध बिना पर्याप्त आधार के आपत्तियां दर्ज किए जाने पर भी चिंता व्यक्त की गई।

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से आग्रह किया कि स्थानीय एवं स्थायी निवासियों के विरुद्ध दर्ज निराधार आपत्तियों की गहन जांच कर उन्हें तत्काल निरस्त किया जाए तथा भविष्य में बिना पर्याप्त साक्ष्य के ऐसी आपत्तियों को स्वीकार न किया जाए, ताकि वास्तविक मतदाताओं के अधिकार सुरक्षित रह सकें।

कांग्रेस नेताओं ने विश्वास जताया कि निर्वाचन आयोग निष्पक्ष, पारदर्शी और मतदाता हितैषी निर्वाचन प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए इस गंभीर विषय पर शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करेगा।

इस अवसर पर चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष एवं चकराता विधायक प्रीतम सिंह, चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत, पूर्व विधायक राजकुमार, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, अजय सिंह, भूपेंद्र नेगी, सुमित खन्ना, मदन लाल सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

About The Author