धरने से शिकायत तक पहुंचा मामला, अब एसएसपी के दरबार पहुंचेगी जौनसारी जनजाति कर्मचारी कल्याण समिति
देहरादून/कालसी | दून वैली टाइम्स
हरिपुर घाट में पुराने पुल के पिलर पर मां यमुना की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब लगातार गहराता जा रहा है। प्रतिमा स्थापना के विरोध में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष एवं भाजपा नेता रामशरण नौटियाल के धरने पर बैठने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। लोक पंचायत की ओर से प्रेस वार्ता कर 15 दिन का अल्टीमेटम दिए जाने के बाद क्षेत्र के ग्राम गास्की निवासी युवा नेता गजेंद्र सिंह तोमर ने लोक पंचायत से जुड़े एक पदाधिकारी के खिलाफ शिकायत देकर पुराने पुल के पिलर को बिना अनुमति तोड़े जाने के मामले में कार्रवाई की मांग की।

इसके बाद जौनसारी जनजाति कर्मचारी कल्याण समिति, देहरादून ने रविवार को बैठक कर पूरे घटनाक्रम पर चर्चा की और गजेंद्र सिंह तोमर की शिकायत को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसकी निंदा की।
शिकायत को लेकर समिति में आक्रोश
समिति की बैठक अध्यक्ष जगत सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई। समिति के अनुसार, हरिपुर में मां यमुना की प्रतिमा स्थापना को लेकर सामाजिक एवं सांस्कृतिक स्तर पर कार्य किया जा रहा था। इसी दौरान पुराने पुल के पिलर/खूंटी को लेकर विवाद खड़ा हुआ।

समिति का कहना है कि जिस पुराने पिलर को तोड़े जाने की बात कही जा रही है, वह करीब 50 वर्ष पूर्व सरकार द्वारा खंडित किया जा चुका था और उसके अवशेष मौके पर मौजूद थे। समिति से जुड़े सदस्यों द्वारा श्रमदान के माध्यम से उसके पुनरोद्धार का कार्य किया जा रहा था।
एसएसपी को दिया जाएगा ज्ञापन
बैठक में समिति ने निर्णय लिया कि मामले की वास्तविक स्थिति से एसएसपी देहरादून को ज्ञापन देकर अवगत कराया जाएगा। समिति पदाधिकारियों ने कहा कि जौनसार-बावर की सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय लोगों के खिलाफ इस तरह की शिकायतों से सामाजिक कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

समिति अध्यक्ष जगत सिंह चौहान ने कहा कि जौनसार-बावर की संस्कृति और सामाजिक एकजुटता को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसी भी विवाद का समाधान आपसी संवाद और तथ्यों के आधार पर होना चाहिए।
लोक पंचायत और रामशरण नौटियाल के बीच भी बढ़ा विवाद
हरिपुर प्रकरण में इससे पहले पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष एवं भाजपा नेता रामशरण नौटियाल ने पुराने पुल के पिलर पर प्रतिमा स्थापना का विरोध करते हुए धरना दिया था। इसके बाद लोक पंचायत के पदाधिकारियों ने प्रेस वार्ता कर अपना पक्ष रखा और नौटियाल को 15 दिन का अल्टीमेटम दिए जाने की बात सामने आई थी।

अब गजेंद्र सिंह तोमर की शिकायत और उसके बाद जौनसारी जनजाति कर्मचारी कल्याण समिति के खुलकर सामने आने से विवाद ने नया रूप ले लिया है।
जौनसारी भवन और जमीन के मामलों पर भी मंथन
रविवार की बैठक में समिति के अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई। सुद्धोवाला में निर्माणाधीन जौनसारी भवन की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके अलावा धुलकोट स्थित समिति की भूमि की निशानदेही एवं भूमि निस्तारण की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई।
बैठक में समिति के अध्यक्ष जगत सिंह चौहान, महासचिव उमराव सिंह राठौर, उपाध्यक्ष गोविंद सिंह कौंडल, संगठन सचिव खुशवंत शर्मा, कोषाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर, लेखा परीक्षक राजेश जोशी, मातबर सिंह राणा, संरक्षक टीकम सिंह चौहान, विधि सलाहकार जय लाल शर्मा समेत अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।
