स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर गूंजा देशभक्ति का स्वर, नगर निगम ऑडिटोरियम में हुआ भव्य कवि सम्मेलन

देहरादून, 14 अगस्त 2026। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर नगर निगम देहरादून के ऑडिटोरियम में देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम से ओत-प्रोत भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। नगर निगम देहरादून एवं संस्कृति निदेशालय, उत्तराखंड के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में देशप्रेम, राष्ट्रीय एकता, राष्ट्रगौरव और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी काव्य रचनाओं ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखंड के प्रभारी मंत्री सुबोध उनियाल उपस्थित रहे। इस अवसर पर नगर निगम देहरादून के मेयर सौरभ थपलियाल, उत्तराखंड राज्य कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष अशोक वर्मा, राज्य आंदोलनकारी रविंद्र जुगरान, जगमोहन सिंह नेगी, मोहन खत्री सहित कई विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे।

कवि सम्मेलन में विभिन्न विधाओं और रसों के सुप्रसिद्ध कवियों ने अपनी प्रभावशाली रचनाओं का पाठ किया। कवियों की प्रस्तुतियों ने सभागार में देशभक्ति, राष्ट्रगौरव और सामाजिक चेतना का माहौल बना दिया।

वीर रस की कविताओं ने जगाया राष्ट्रप्रेम

गौरव चौहान और विनीत चौहान ने वीर रस की ओजपूर्ण कविताओं के माध्यम से श्रोताओं में राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रगौरव की भावना को प्रबल किया। उनकी प्रस्तुतियों पर सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

डॉ. शिखा वशिष्ट ने श्रृंगार रस की रचनाएं प्रस्तुत कीं, जबकि डॉ. राजीव ने राजनीतिक व्यंग्य एवं समसामयिक विषयों पर अपनी रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को सोचने के साथ-साथ गुदगुदाया। वहीं डॉ. अनिल चौबे की हास्य रचनाओं ने पूरे कार्यक्रम में मनोरंजन का रंग भर दिया।

सामाजिक सरोकारों और लोकभाषाओं की दिखी झलक

कवि सम्मेलन में श्रीमती सुनीता चौहान ने जीवन से जुड़े सामाजिक सरोकारों को अपनी रचनाओं के माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। उनकी कविताओं में समाज और आम जीवन से जुड़े विषयों की संवेदनशील झलक देखने को मिली।

उत्तराखंड की लोकभाषा और संस्कृति को भी कवि सम्मेलन में विशेष स्थान मिला। हेमंत बिष्ट ने कुमाऊंनी भाषा में, जबकि हेमवती नंदन भट्ट ने गढ़वाली भाषा में काव्य पाठ कर उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की सुंदर झलक प्रस्तुत की।

इसके अलावा भूपेंद्र बसेड़ा, मोहन बिष्ट ‘मुंतजिर’ और श्रीकांत शर्मा ने भी अपनी रचनाओं के माध्यम से कार्यक्रम में विविध रंग भरे और श्रोताओं को भावविभोर किया।

तालियों से गूंजता रहा सभागार

कवि सम्मेलन के दौरान पूरे सभागार में देशप्रेम और राष्ट्रगौरव का वातावरण बना रहा। वीर रस की ओजपूर्ण कविताओं से लेकर हास्य-व्यंग्य, सामाजिक सरोकारों और उत्तराखंड की लोकभाषाओं में प्रस्तुत काव्य रचनाओं तक, हर प्रस्तुति को दर्शकों ने उत्साहपूर्वक सराहा।

कवियों की प्रभावशाली प्रस्तुतियों पर श्रोताओं ने तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया। विभिन्न रसों और भाषाओं में प्रस्तुत कविताओं ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या को यादगार बना दिया।

कार्यक्रम में सचिव संस्कृति विभाग युगल किशोर पंत, निदेशक संस्कृति प्रदीप जोशी, मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम देहरादून आलोक कुमार पाण्डेय सहित नगर निगम एवं संस्कृति विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।

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