एंबुलेंस में मरीज की जगह 90 किलो गांजा! श्रीनगर पुलिस ने चालक को दबोचा

45 लाख रुपये कीमत की गांजे की बड़ी खेप बरामद, रुद्रप्रयाग से श्रीनगर लाकर बेचने की थी तैयारी

श्रीनगर, पौड़ी। नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत श्रीनगर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ईको एंबुलेंस से 90 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 45 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल एंबुलेंस को सीज करते हुए चालक को गिरफ्तार कर लिया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार के निर्देश पर जनपद में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में क्षेत्राधिकारी श्रीनगर तपेश कुमार के पर्यवेक्षण और प्रभारी निरीक्षक कोतवाली श्रीनगर कुलदीप सिंह के नेतृत्व में रविवार तड़के आवास विकास ग्राउंड के पास वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही थी।

इसी दौरान पुलिस टीम ने संदिग्ध ईको एंबुलेंस संख्या UK14-PA-0539 को रोककर तलाशी ली। एंबुलेंस की तलाशी के दौरान अंदर रखे नौ कट्टों में 90 किलो गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से एंबुलेंस चालक रविन्द्र सिंह बिष्ट (45 वर्ष) निवासी चौरास, थाना कीर्तिनगर, टिहरी गढ़वाल, हाल निवासी श्रीनगर को गिरफ्तार कर लिया।

रुद्रप्रयाग से गांजा लाकर श्रीनगर में बेचने की थी तैयारी

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह श्रीकोट में उक्त एंबुलेंस का संचालन करता है। वह एक सहयोगी के साथ रुद्रप्रयाग क्षेत्र से गांजा खरीदकर एंबुलेंस के जरिए श्रीनगर ला रहा था। यहां गांजे को अधिक कीमत पर बेचने की तैयारी थी। पुलिस के अनुसार आरोपी ने पूर्व में भी मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त रहने की बात बताई है।

आरोपी के खिलाफ कोतवाली श्रीनगर में मु0अ0सं0-53/2026, धारा 8/20/60 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। पुलिस अब गांजा सप्लाई करने वाले अन्य लोगों और पूरे तस्करी नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है।

2015 में भी दर्ज था मुकदमा

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ वर्ष 2015 में धारा 60 आबकारी अधिनियम के तहत भी मुकदमा दर्ज रहा है।

कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम

कार्रवाई करने वाली टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक पंकज तिवाड़ी, उपनिरीक्षक विजय शैलानी, हेड कांस्टेबल दिनेश चौधरी, हेड कांस्टेबल हरदयाल सिंह, कांस्टेबल महावीर सिंह और कांस्टेबल प्रवीण पुरी शामिल रहे।

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