डिजिटल मीडिया की विज्ञापन दरें बढ़ाने की मांग, श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने डीजी सूचना के समक्ष उठाया मुद्दा

न्यूज पोर्टल और वेबसाइटों को संचालन लागत के अनुरूप सम्मानजनक विज्ञापन राशि देने की मांग, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने नियमानुसार परीक्षण का दिया आश्वासन

देहरादून। पत्रकारों और डिजिटल मीडिया संस्थानों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाते हुए उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने न्यूज पोर्टल और वेबसाइटों की विज्ञापन दरों में बढ़ोतरी का मुद्दा सूचना विभाग के समक्ष रखा है। मंगलवार को यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अरुण शर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी से मुलाकात कर डिजिटल मीडिया संस्थानों को मिलने वाली विज्ञापन राशि को वर्तमान परिस्थितियों और संचालन लागत के अनुरूप बढ़ाने की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल मीडिया का प्रभाव तेजी से बढ़ा है। न्यूज पोर्टल और वेबसाइटें सरकार की योजनाओं, विकास कार्यों, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों तथा जनहित से जुड़ी सूचनाओं को आम जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसके बावजूद डिजिटल मीडिया संस्थानों को मिलने वाली विज्ञापन दरें लंबे समय से व्यावहारिक स्तर पर पर्याप्त नहीं हैं।

यूनियन की ओर से सूचना महानिदेशक को सौंपे गए पत्र में विभाग में विज्ञापन के लिए सूचीबद्ध न्यूज पोर्टल और वेबसाइटों के बैनर तथा वीडियो एड फिल्मों की निर्धारित दरों पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया गया। यूनियन ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में प्रति बैनर अथवा वीडियो फिल्म विज्ञापन की दर करीब 1,200 रुपये प्रतिमाह बताई गई है, जबकि कुल 7,200 रुपये प्रतिमाह की विज्ञापन दर निर्धारित है। यूनियन का कहना है कि वर्तमान समय में डिजिटल मीडिया संस्थान चलाने की लागत लगातार बढ़ रही है।

सर्वर से लेकर कंटेंट निर्माण तक बढ़ा खर्च

यूनियन प्रदेश अध्यक्ष अरुण शर्मा ने कहा कि न्यूज पोर्टल और वेबसाइटों के संचालन में सर्वर, डोमेन, तकनीकी रखरखाव, वेबसाइट प्रबंधन, पत्रकारों एवं स्टाफ का मानदेय, कैमरा, वीडियो एडिटिंग, ग्राफिक्स, फील्ड रिपोर्टिंग और अन्य तकनीकी संसाधनों पर लगातार खर्च होता है। ऐसे में मौजूदा विज्ञापन दरें डिजिटल मीडिया संस्थानों के लिए पर्याप्त नहीं रह गई हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार के स्तर पर सूचीबद्ध किए गए न्यूज पोर्टल और वेबसाइटें लगातार समाचार एवं सूचनाएं उपलब्ध कराने का काम कर रही हैं। इन संस्थानों को सम्मानजनक विज्ञापन राशि मिलने से वे आर्थिक रूप से मजबूत होंगे और अपने पत्रकारों तथा तकनीकी स्टाफ को बेहतर संसाधन उपलब्ध करा सकेंगे।

‘मजबूत होंगे पोर्टल, तभी गुणवत्तापूर्ण पत्रकारिता को मिलेगा बढ़ावा’

अरुण शर्मा ने कहा कि डिजिटल मीडिया आज केवल समाचार प्रसारित करने का माध्यम नहीं है, बल्कि सरकार और जनता के बीच सूचनाओं के महत्वपूर्ण सेतु के रूप में भी कार्य कर रहा है। प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों की समस्याओं, स्थानीय घटनाओं और जनहित के मुद्दों को न्यूज पोर्टल तेजी से सामने ला रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सूचीबद्ध न्यूज पोर्टल और वेबसाइटों को वर्तमान बाजार परिस्थितियों तथा संचालन लागत को ध्यान में रखते हुए प्रतिमाह सम्मानजनक विज्ञापन राशि उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इससे डिजिटल मीडिया संस्थानों को अपने संसाधन मजबूत करने और नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पत्रकारिता को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

अरुण शर्मा ने मांग की कि वर्तमान 7,200 रुपये की बैनर विज्ञापन दर की समीक्षा कर इसे मौजूदा परिस्थितियों के अनुरूप संशोधित किया जाए। उन्होंने कहा कि डिजिटल पत्रकारिता को मजबूत करने के लिए विज्ञापन नीति में व्यावहारिक बदलाव आवश्यक है।

पत्रकार हितों की अनदेखी नहीं होगी: बंशीधर तिवारी

सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि पत्रकारों और मीडिया संस्थानों के हितों को लेकर सरकार और सूचना विभाग गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आधार है और पत्रकारों के हितों की अनदेखी किसी भी स्तर पर नहीं होने दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि डिजिटल मीडिया वर्तमान समय में समाचार और जनहितकारी सूचनाओं को आम जनता तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन चुका है। ऐसे में डिजिटल मीडिया से जुड़े संस्थानों की व्यावहारिक समस्याओं को समझना भी जरूरी है।

बंशीधर तिवारी ने कहा कि न्यूज पोर्टल और वेबसाइटों की विज्ञापन दरों में संशोधन से संबंधित यूनियन की मांग का विभागीय स्तर पर नियमानुसार परीक्षण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि पत्रकार हितों से जुड़े विषयों पर सरकार का दृष्टिकोण सकारात्मक है और आवश्यकतानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि पत्रकारों के हितों का किसी भी स्तर पर अहित नहीं होने दिया जाएगा।

सकारात्मक निर्णय की उम्मीद

प्रतिनिधिमंडल ने सूचना महानिदेशक के आश्वासन पर उम्मीद जताई कि सूचना विभाग डिजिटल मीडिया संस्थानों की बढ़ती संचालन लागत और उनकी व्यावहारिक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए विज्ञापन दरों के पुनर्निर्धारण की दिशा में सकारात्मक कदम उठाएगा।

यूनियन ने कहा कि डिजिटल मीडिया संस्थानों और पत्रकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार एवं सूचना विभाग के साथ संवाद आगे भी जारी रखा जाएगा, ताकि प्रदेश में स्वस्थ, जिम्मेदार और मजबूत डिजिटल पत्रकारिता के लिए बेहतर वातावरण तैयार हो सके।

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