बरसात में जल एवं मच्छर जनित रोगों का खतरा बढ़ा, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी

देहरादून, 08 सितंबर 2026।
बरसात के मौसम में जल जनित और मच्छर जनित संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ने को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आमजन को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। विभाग ने डायरिया, पेचिश, टायफायड, हैजा, पीलिया और हेपेटाइटिस के साथ-साथ डेंगू, मलेरिया एवं चिकनगुनिया से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां अपनाने की अपील की है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (आईडीएसपी) की साप्ताहिक रिपोर्टों के मद्देनजर लोगों को संक्रमण से बचाव के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतनी जरूरी है।

सुरक्षित पानी और भोजन पर दें विशेष ध्यान

विभाग ने लोगों से बासी भोजन, खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ और अधपके भोजन से बचने की अपील की है। तरबूज, खरबूज, गन्ने का रस सहित अन्य खाद्य-पेय पदार्थ केवल स्वच्छ एवं सुरक्षित होने पर ही लेने की सलाह दी गई है। दूषित पानी से बनी बर्फ के सेवन से भी बचने को कहा गया है।

पीने और खाना बनाने के लिए पानी को अच्छी तरह उबालकर इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। क्लोरीन की गोलियों का प्रयोग स्वास्थ्य कर्मियों के निर्देशानुसार ही करने को कहा गया है। शौचालय के बाद और भोजन से पहले साबुन से हाथ धोने तथा फलों-सब्जियों को अच्छी तरह साफ करके खाने की अपील की गई है।

घर के आसपास पानी जमा न होने दें

डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने पर जोर दिया है। पानी की टंकियों और जल भंडारण के बर्तनों को ढककर रखने, कूलर, गमले, गुलदस्ते, मनी प्लांट, फ्रिज के पीछे तथा अन्य पानी जमा होने वाले स्थानों की नियमित सफाई करने की सलाह दी गई है।

विभाग ने कहा कि ऐसे स्थानों का पानी कम से कम सप्ताह में एक बार पूरी तरह खाली कर सुखाया जाए। पुराने टूटे बर्तन, बोतल, डिब्बे और बेकार टायर खुले में न फेंके जाएं, क्योंकि इनमें जमा पानी डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छर के प्रजनन का कारण बन सकता है।

लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें

तेज बुखार, सिरदर्द, बदन व मांसपेशियों में दर्द, जोड़ों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द या शरीर पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न बरतें। स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे लक्षण होने पर तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील की है।

बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा न लेने की भी हिदायत दी गई है। विभाग के अनुसार डेंगू की जांच सभी सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क उपलब्ध है।

स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि सुरक्षित पेयजल, स्वच्छता और मच्छरों की रोकथाम को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर मानसून के दौरान संक्रामक रोगों से बचाव किया जा सकता है।

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