महंगे शौक पूरे करने के लिए बने वाहन चोर, 8 घंटे में पुलिस के हत्थे चढ़े दो मौसेरे भाई

देहरादून। डोईवाला क्षेत्र में वाहन चोरी का मामला सामने आया है। मियांवाला फ्लाईओवर के नीचे खड़ी एक्टिवा चोरी करने के आरोप में पुलिस ने दो मौसेरे भाइयों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, चोरी के बाद पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने स्कूटी को खोलकर उसके पार्ट्स अलग-अलग कर दिए थे।

मियांवाला फ्लाईओवर के नीचे से चोरी हुई थी एक्टिवा

पुलिस के मुताबिक, 15 सितंबर 2026 को सरनदीप सिंह की एक्टिवा संख्या UK07BY-3105 मियांवाला फ्लाईओवर के नीचे से चोरी हो गई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई तथा मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया।

जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके आधार पर हर्रावाला स्थित दिल्ली फार्म से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

चोरी के बाद स्कूटी के पार्ट्स खोलकर काट दिए

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्हें पकड़े जाने का डर था। इसी वजह से उन्होंने चोरी की एक्टिवा को खोलकर उसके अलग-अलग पार्ट्स कर दिए और कुछ हिस्सों को काट दिया, ताकि वाहन की पहचान न हो सके और उसे कबाड़ी को बेचने का प्रयास किया जा सके।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक्टिवा के विभिन्न खुले एवं कटे हुए पार्ट्स बरामद किए हैं। इसके साथ ही स्कूटी को खोलने में इस्तेमाल किए गए औजार भी पुलिस ने बरामद किए।

दोनों आरोपी मौसेरे भाई

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान:

  • रजत चौहान — उम्र 22 वर्ष
  • करन चौहान — उम्र 21 वर्ष

पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी आपस में मौसेरे भाई हैं। करन बीकॉम की पढ़ाई करने के साथ डिलीवरी बॉय के रूप में काम करता है, जबकि रजत होटल मैनेजमेंट का कोर्स करने के बाद नौकरी की तलाश में था।

पूछताछ में दोनों ने कथित तौर पर महंगे शौक और अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए वाहन चोरी की योजना बनाने की बात बताई है।

8 घंटे में हुआ चोरी का खुलासा

दून पुलिस के अनुसार, पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज, सुरागरसी और मुखबिर तंत्र की मदद से महज करीब 8 घंटे के भीतर वाहन चोरी की घटना का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या वे इससे पहले भी किसी वाहन चोरी की घटना में शामिल रहे हैं।

नोट: आरोपियों पर लगे आरोप पुलिस के अनुसार हैं; मामले में अंतिम निष्कर्ष न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही तय होगा।

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