चार साल बाद भी इंसाफ का इंतजार: अंकिता की चौथी बरसी पर कांग्रेस का जोरदार विरोध मार्च

गंगा भोगपुर तल्ला से वनंत्रा रिजॉर्ट तक गूंजा न्याय का नारा, VVIP प्रकरण की सच्चाई सामने लाने और जांच में तेजी की मांग

दून वैली टाइम्स | विशेष रिपोर्ट

ऋषिकेश/ देहरादून। उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी की चौथी बरसी पर एक बार फिर उनकी याद और न्याय की मांग ने पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींचा। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में शुक्रवार को गंगा भोगपुर तल्ला स्थित श्रद्धांजलि स्थल से वनंत्रा रिजॉर्ट तक विरोध मार्च निकाला गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अंकिता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए हाथों में तख्तियां और न्याय की मांग से जुड़े संदेश लेकर आवाज बुलंद की।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड को चार वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन परिवार की न्याय को लेकर उठ रही मांगें अभी भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं। कांग्रेस ने कहा कि मामले में सामने आए तमाम सवालों का स्पष्ट और निष्पक्ष जवाब सामने आना जरूरी है।

VVIP प्रकरण की सच्चाई सामने लाने की मांग

विरोध मार्च के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मामले से जुड़े चर्चित VVIP प्रकरण की जांच और उससे संबंधित तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग दोहराई। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि अंकिता के परिवार और प्रदेश की जनता के मन में इस प्रकरण को लेकर जो सवाल हैं, उनका तथ्यात्मक और कानूनी रूप से स्पष्ट जवाब सामने आना चाहिए।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि जांच के विभिन्न पहलुओं को लेकर अब भी सवाल उठते रहे हैं। पार्टी की मांग है कि मामले में सामने आए प्रत्येक तथ्य की दोबारा गंभीरता से समीक्षा की जाए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही, साक्ष्यों से छेड़छाड़ अथवा साक्ष्य नष्ट करने की भूमिका सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों की भी जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

अंकिता के माता-पिता की शिकायत पर कार्रवाई की मांग

कांग्रेस नेताओं ने अंकिता के माता-पिता की ओर से उठाई गई शिकायतों को भी गंभीरता से लेने की मांग की। उनका कहना था कि परिवार लंबे समय से अपनी बेटी के लिए न्याय की लड़ाई लड़ रहा है और उनकी शिकायतों पर कानून के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई होनी चाहिए।

कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि अंकिता की मौत से पहले कथित तौर पर VIP को विशेष सेवा देने के दबाव और अपनी जान को खतरे से संबंधित बातें सामने आई थीं। पार्टी का कहना है कि इस पहलू की भी निष्पक्ष और विस्तृत जांच होनी चाहिए तथा जांच एजेंसियों को उपलब्ध सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ना चाहिए।

वनंत्रा रिजॉर्ट में हुई घटनाओं की जांच की मांग

विरोध मार्च के दौरान वनंत्रा रिजॉर्ट में हुई कथित तोड़फोड़, साक्ष्यों से संभावित छेड़छाड़ तथा उस समय की गई कार्रवाई में संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग उठाई गई।

कांग्रेस नेताओं का कहना था कि किसी भी आपराधिक मामले में साक्ष्य अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए यदि साक्ष्यों को नुकसान पहुंचाने या नष्ट करने से संबंधित कोई तथ्य सामने आता है तो उसकी स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

“अंकिता सिर्फ एक बेटी नहीं, उत्तराखंड की अस्मिता का सवाल”

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अंकिता भंडारी केवल एक परिवार की बेटी नहीं थी, बल्कि यह मामला उत्तराखंड की बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि न्याय की मांग को राजनीतिक मुद्दे के बजाय एक बेटी के परिवार को न्याय दिलाने और कानून के शासन को मजबूत करने के सवाल के रूप में देखा जाना चाहिए।

कांग्रेस नेताओं ने दोहराया कि अंकिता को न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।

सत्ता में आने पर कार्रवाई का दावा

कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि भविष्य में कांग्रेस सत्ता में आती है तो मामले में साक्ष्य नष्ट करने या आरोपियों को संरक्षण देने के आरोपों की भी जांच कराई जाएगी। नेताओं ने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं होना चाहिए और जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए—चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।

कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता रहे मौजूद

विरोध मार्च और धरना-प्रदर्शन में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम में चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष एवं चकराता विधायक प्रीतम सिंह, पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत, पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी, शूरवीर सिंह सजवाण, महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला, प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, प्रदेश कांग्रेस महामंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख रुचि कैंत्यूरा, राजेंद्र शाह, राजपाल खरोला, जयेंद्र रमोला, गरिमा धसोनी, अभिनव थापर, विकास नेगी, पूर्व जिला अध्यक्ष राकेश नेगी तथा परवादून जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कार्यकर्ताओं ने अंकिता भंडारी को श्रद्धांजलि अर्पित की और न्याय की मांग को लेकर नारे लगाए। कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि चार वर्ष बीत जाने के बाद भी अंकिता का नाम उत्तराखंड की जनता की स्मृति में जिंदा है और उनके परिवार की न्याय की मांग को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

चौथी बरसी पर फिर उठी वही आवाज—“अंकिता को न्याय कब?”

अंकिता भंडारी हत्याकांड की चौथी बरसी पर गंगा भोगपुर तल्ला से वनंत्रा रिजॉर्ट तक निकला विरोध मार्च एक बार फिर इस मामले से जुड़े लंबित सवालों को सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में ले आया। कांग्रेस ने जांच में तेजी, VVIP प्रकरण से जुड़े तथ्यों को सामने लाने, परिवार की शिकायतों पर कार्रवाई तथा साक्ष्यों से छेड़छाड़ के आरोपों की जांच की मांग की।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उनका संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक अंकिता भंडारी के परिवार को पूर्ण न्याय मिलने का विश्वास नहीं हो जाता।

नोट: VVIP प्रकरण, साक्ष्यों से छेड़छाड़ और संबंधित अधिकारियों की भूमिका से जुड़े बिंदु कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोप/उठाई गई मांगें हैं। इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही माना जाएगा।

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