फीस के अभाव में नहीं दे पाया दसवीं की परीक्षा, पुश्तैनी मकान बिकने के बाद दर-दर भटकने को था मजबूर
देहरादून, 17 सितंबर 2026। परिवार की प्रताड़ना और आर्थिक तंगी के चलते शिक्षा से दूर हुए रुद्र प्रताप नेगी के लिए जिला प्रशासन मददगार बना है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर बाल कल्याण समिति द्वारा मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इसके आधार पर प्रशासन ने रुद्र प्रताप की सुरक्षा, पुनर्वास और शिक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की है।
प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद रुद्र प्रताप को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए बाल गृह में शिफ्ट कराया गया है। साथ ही उसकी शिक्षा दोबारा शुरू कराने के लिए पूर्व विद्यालय से टीसी जारी करवाकर गुरु राम राय स्कूल में दाखिला कराया गया है।
मां की मृत्यु के बाद बिगड़े हालात
प्रकरण के अनुसार रुद्र प्रताप नेगी की माता की मृत्यु के बाद उसके पिता नशे की गिरफ्त में चले गए। इसके बाद परिवार में बालक के लिए परिस्थितियां लगातार कठिन होती चली गईं। आर्थिक संकट और पारिवारिक प्रताड़ना के कारण उसकी पढ़ाई प्रभावित हुई।
विद्यालय की फीस जमा नहीं हो पाने के कारण रुद्र प्रताप दसवीं की परीक्षा में भी शामिल नहीं हो सका। फीस संबंधी स्थिति के चलते पूर्व विद्यालय से टीसी प्राप्त करने में भी उसे कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
पुश्तैनी मकान बिकने के बाद रहने का संकट
बताया गया कि रुद्र प्रताप के पिता और उनके भाई द्वारा पुश्तैनी मकान बेच दिए जाने के बाद उसके सामने रहने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई। परिस्थितियां ऐसी बनीं कि बालक को दर-दर भटकने के लिए मजबूर होना पड़ा। अंततः उसने जिला प्रशासन से सहायता की गुहार लगाई।
जिलाधिकारी ने लिया तत्काल संज्ञान
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने तत्काल प्रकरण का संज्ञान लिया और बाल कल्याण समिति को मामले की समुचित जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बालक की सुरक्षा, शिक्षा और पुनर्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बाल कल्याण समिति की जांच रिपोर्ट और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर रुद्र प्रताप के हित में आवश्यक कदम उठाए गए। उसे बाल गृह में शिफ्ट कराया गया, जहां उसे सुरक्षित वातावरण, संरक्षण और आवश्यक देखभाल उपलब्ध कराई जा रही है।
टीसी जारी कराकर स्कूल में कराया दाखिला
रुद्र प्रताप की शिक्षा आगे बाधित न हो, इसके लिए जिला प्रशासन के स्तर से पूर्व विद्यालय से टीसी जारी कराने की प्रक्रिया पूरी कराई गई। इसके बाद उसका गुरु राम राय स्कूल में दाखिला कराया गया।
प्रशासन के इस प्रयास से रुद्र प्रताप को दोबारा पढ़ाई से जुड़ने का अवसर मिला है और उसके भविष्य को बेहतर दिशा देने की राह खुली है।
शिक्षा और सुरक्षा की होगी निरंतर मॉनिटरिंग
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि रुद्र प्रताप की शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और पुनर्वास की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए तथा उसे आगे किसी प्रकार की परेशानी न हो, यह सुनिश्चित किया जाए।
जिला प्रशासन का कहना है कि विषम पारिवारिक परिस्थितियों में रह रहे बच्चों की पहचान कर उन्हें आवश्यक संरक्षण और सहायता उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। प्रशासन की पहल से पारिवारिक एवं आर्थिक संकट से जूझ रहे रुद्र प्रताप को सुरक्षित आश्रय के साथ शिक्षा से दोबारा जुड़ने का अवसर मिला है।
