पहाड़ में महंगे इलाज की चुनौती: बागेश्वर के 25 वर्षीय युवक की मौत से परिवार में मातम

दो साल से हृदय संबंधी बीमारी से जूझ रहा था प्रदीप कुमार, परिजनों के अनुसार कई शहरों में कराया उपचार; इलाज के खर्च की व्यवस्था करना हो रहा था मुश्किल

बागेश्वर। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में गंभीर बीमारियों के उपचार और आर्थिक चुनौतियों का सवाल एक बार फिर सामने आया है। बागेश्वर जिले के गरुड़ क्षेत्र के हिल कुलवान निवासी 25 वर्षीय प्रदीप कुमार की मौत से परिवार में शोक की लहर है। परिजनों के मुताबिक, प्रदीप पिछले करीब दो वर्षों से हृदय संबंधी बीमारी से जूझ रहा था। बीते दिन उसने कथित तौर पर जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। परिजन उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बैजनाथ लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

दो साल से बीमारी से जूझ रहा था युवक

मृतक प्रदीप कुमार, बलवीर राम का पुत्र था और बदरीनाथ स्थित एक होटल में काम करता था। परिजनों के अनुसार, कुछ समय पहले उसकी तबीयत लगातार बिगड़ने लगी थी। जांच के दौरान उसके हृदय की नसों में ब्लॉकेज होने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद उसका उपचार चल रहा था। बीमारी के चलते पिछले करीब तीन महीनों से वह घर पर ही रह रहा था। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों ने उसके कामकाज और सामान्य जीवन को प्रभावित कर दिया था।

बेहतर इलाज के लिए कई शहरों के अस्पतालों के लगाए चक्कर

प्रदीप के भाई बंशी राम के अनुसार, परिवार ने उसे बेहतर उपचार दिलाने के लिए हल्द्वानी, अल्मोड़ा, ऋषिकेश और श्रीनगर के अस्पतालों में दिखाया। परिजन लगातार उसके इलाज की व्यवस्था करने में जुटे थे, लेकिन उपचार पर होने वाले खर्च का इंतजाम करना परिवार के लिए चुनौती बन गया था।

परिवार को उम्मीद थी कि आर्थिक संसाधन जुटाकर प्रदीप का आगे का इलाज कराया जा सकेगा। हालांकि, इससे पहले ही उसकी मौत की दुखद खबर सामने आ गई। इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।

घटना से पहले परिजनों से की थी मुलाकात

परिवार के सदस्यों के मुताबिक, घटना से पहले प्रदीप अपनी मां हंसी देवी, भाइयों और घर के बच्चों से मिला था। परिजनों ने बताया कि इस दौरान वह भावुक दिखाई दे रहा था और परिवार के सदस्यों को एक-दूसरे का ख्याल रखने की बात कह रहा था।

कुछ देर बाद वह बाथरूम में गया। जब परिजनों ने उसकी स्थिति के बारे में पूछा, तो उसने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खाने की जानकारी दी। इसके बाद परिजन उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बैजनाथ ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

छह भाई-बहनों के परिवार में पसरा मातम

प्रदीप चार भाइयों और दो बहनों वाले परिवार का सदस्य था। उसकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजन लंबे समय से उसके उपचार की व्यवस्था करने का प्रयास कर रहे थे। जवान बेटे की मौत से मां और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।

पहाड़ में गंभीर बीमारियों के इलाज पर फिर उठे सवाल

प्रदीप की मौत ने पर्वतीय क्षेत्रों में गंभीर बीमारियों के उपचार, विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की परेशानियों पर एक बार फिर ध्यान खींचा है। पहाड़ के कई परिवारों को बेहतर इलाज के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख करना पड़ता है। ऐसे में अस्पताल आने-जाने, जांच और उपचार का खर्च भी उनके लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।

हालांकि, प्रदीप की मौत के पीछे की परिस्थितियों और घटना के अन्य पहलुओं की आधिकारिक पुष्टि संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही हो सकेगी। इस दुखद घटना ने परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया है।

दून वैली टाइम्स परिवार दिवंगत प्रदीप कुमार को श्रद्धांजलि अर्पित करता है और शोकाकुल परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करता है।

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